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Mothers Day Date 2025 in India: मदर्स डे कब और क्यों मनाया जाता है, जानें किसने की थी मां के सम्मान का दिन मदर्स डे की शुरुआत

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated May 9, 2025, 07:01 PM IST

Mothers Day Date 2025 in India, History, Significance (मदर्स डे कब और क्यों मनाया जाता है) Matra Diwas kyu Manate hai: दुनियाभर की माताओं को समर्पित मदर्स डे नजदीक है। ये खास दिन हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को सेलिब्रेट किया जाता है। यहां जानिए मदर्स डे के बारे में और इसको शुरू करने के पीछे किसका योगदान है।

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Mothers Day Date 2025 in India

Mothers Day Date 2025 in India: हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल 11 मई रविवार को मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाएगा। ये खास दिन दुनियाभर की माताओं को समर्पित होता है। इस खास मौके पर हो कोई अपनी मां को स्पेशल फील कराना चाहता है। लेकिन क्या आपको इसका इतिहास पता है। आज यहां जानेंगे कि मदर्स डे का इतिहास क्या है, कब मनाया जाता है मदर्स डे और क्या है इस दिन को मनाने का मकसद।

mothers day 2025

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मदर्स डे का इतिहास

19वीं शताब्दी में, वेस्ट वर्जीनिया की ऐन रीव्स जार्विस ने अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान "मदर्स डे वर्क क्लब्स" कि स्थापना की ताकि सैनिकों और बच्चों के लिए स्वच्छता में सुधार किया जा सके। उन्होंने युद्ध के बाद सुलह को बढ़ावा देने के लिए "मदर्स फ्रेंडशिप डे" का भी आयोजन किया। ऐन रीव्स जार्विस की बेटी, आना जार्विस ने मदर्स डे मनाने की शुरुआत की। अपनी मां की 1905 में मृत्यु के बाद, आना ने माताओं द्वारा किए गए बलिदानों का सम्मान करने के लिए एक दिन समर्पित करने का संकल्प लिया।

mothers day 2025 wishes

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1908 में अमेरिकी कार्यकर्ता अन्ना जार्विस अपनी मां द्वारा किए गए मानवीय कार्यों से प्रेरित हुईं। अपनी मां के प्रयासों का सम्मान करने के लिए अन्ना जार्विस ने पहला मदर्स डे मनाया। 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने आधिकारिक तौर पर मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। तब से, उनके प्रयासों, बलिदानों और प्यार का सम्मान करने के लिए हर साल मदर्स डे मनाया जाता है।

मदर्स डे कब मनाया जाता है?

जैसा कि मदर्स डे हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है ऐसे में इस साल 2025 में यह दिन 11 मई को मनाया जाएगा।

मदर्स डे मनाने का मकसद क्या है?

मदर्स डे मनाने का मुख्य उद्देश्य माताओं के प्रति सम्मान, प्यार और आभार व्यक्त करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी मां ने हमारे जीवन को सफल बनाने में कितना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनके निस्वार्थ प्रेम और त्याग के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए।

मदर्स डे की शुरुआत किसने की थी और कहाँ से हुई थी

मदर्स डे की शुरुआत एना जार्विस नाम की एक अमेरिकी महिला ने की थी। उन्होंने अपनी माँ, एन रीव्स जार्विस, जो एक शांति कार्यकर्ता थीं, को सम्मानित करने के लिए इस दिन की शुरुआत की। पहला आधिकारिक मदर्स डे समारोह 10 मई, 1908 को ग्राफ्टन, वेस्ट वर्जीनिया के सेंट एंड्रयूज मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित किया गया था।

mothers day quotes

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भारत में मदर्स डे कैसे मनाया जाता है?

भारत में मदर्स डे हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस साल, 2025 में, यह 11 मई को मनाया जाएगा। भारत में मदर्स डे मनाने का तरीका पश्चिमी देशों से काफी मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी समावेश देखने को मिलता है। इस खास मौके पर बच्चे अपनी मां के प्रति प्यार और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए गिफ्ट्स और कार्ड्स देते हैं। इसके अलावा कुछ लोग घर पर ही छोटा सा गेट टूगेगर का आयोजन करते हैं और अपनी के प्रति सम्मान और प्यार व्यक्त करते हैं।

mothers day photos

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वहीं मदर्स डे के खास मौके पर स्कूल और कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें बच्चे अपनी मां के लिए गाना गाते हैं,डांस करते हैं,और कविताएं भी सुनाते हैं।

Ritu raj
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<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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