Mahashivratri 2023 : शिवभक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व काफी ज्यादा खास होता है। इस मौके पर कई श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, कई लोग व्रत रखते हैं। इस खास मौके पर घर पर कई तरह की चीजें बनाई जाती है। मुख्य रूप से इस ठंडाई बनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव जी को ठंडाई बहुत ही प्रिय है। ऐसे में कई लोग अपने घरों और मंदिरों पर ठंडाई बनाते हैं। वहीं, प्रसाद के रूप में भी इसका वितरण किया जाता है। अगर आप भी इस खास मौके पर ठंडाई बनाने जा रहे हैं, तो घर पर पान की ठंडाई बनाएं। पान से बनी ठंडाई स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। वहीं, इसे बनाना भी बहुत ही आसान है। आइए जानते हैं शिवरात्रि पर पान की ठंडाई बनाने की रेसिपी क्या है?
पान ठंडाई कैसे बनाएं? ( Paan Thandai Recipe )
- शिवरात्रि के मौके पर पान की ठंडाई बनाने के लिए सबसे पहले 2 पान के पत्ते लें। इसके अलावा आप 4 इलायची, एक चौथाई कप पिस्ता, 2 चम्मच चीनी और दो कप दूध लें।
- इसके बाद पान के पत्तों को अच्छी तरह से साफ कर लें। इसके बाद सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
- अब सभी चीजों को ग्राइंडर में डालकर अच्छी तरह से पीस लें। अब इसमें दूध, चीनी और बची हुई अन्य सामाग्री डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें।
- लीजिए पान की ठंडाई तैयार है। आप इसे भगवान शिवजी को चढ़ा सकते हैं। वहीं, प्रसाद वितरण के रूप में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
एनर्जी करे बूस्ट
पान की ठंडाई का सेवन करने से आपके शरीर की एनर्जी बूस्ट हो सकती है। खासतौर पर अगर आप व्रत कर रहे हैं, तो इसका सेवन करें। इससे आपको शारीरिक कमजोरी महसूस नहीं होगी।
कब्ज से छुटकारा
ठंडाई का सेवन करने से आपके पेट की गर्मी शांत होती है, जो कब्ज, अपच जैसी परेशानी को दूर कर सकता है। दरअसल, ठंडाई में मिलाई जाने वाली चीजों में फाइबर, प्रोटीन और कैल्शियम काफी अच्छी मात्रा में होता है, जो पेट संबंधी परेशानी को दूर कर सकता है।
मुंह के छालों से राहत
शिवरात्रि के मौके पर पान की ठंडाई का सेवन करने से आप मुंह के छालों को दूर कर सकते हैं। दरअसल, यह ठंडाई पेट में एसिडिटी और गैस की परेशानी को कम करता है, जिससे छालों के बढ़ने की संभावना होती है। ऐसे में अगर आप पान की ठंडाई का सेवन करते हैं, तो यह आपके लिए काफी लाभकारी हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)
