लाइफस्टाइल

40 की उम्र में मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स क्यों बढ़ती हैं, पीरियड लेट या बस 1-2 दिन आ रहे तो अपनाएं आसान टिप्स

Lifestyle Changes For Regular Periods: क्या आप जानते हैं 40 की उम्र के बाद पीरियड लेट होना या सिर्फ 1-2 दिन आना परिमेनोपॉज का संकेत हो सकता है। हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस, नींद की कमी और गलत खानपान इसके बड़े कारण हैं। हाल ही में डायटीशियन मनप्रीत कालरा ने कुछ आसान लाइफस्टाइल बदलाव बताए हैं जिन्हें अपनाकर पीरियड्स को 3-5 दिन तक हेल्दी और रेगुलर बनाया जा सकता है। चलिए इनके बारे में जानते हैं।

40 की उम्र में पीरियड्स कैसे रेगुलर रखें

40 की उम्र में पीरियड्स कैसे रेगुलर रखें

Lifestyle Changes For Regular Periods: क्या आपका पीरियड 10 दिन लेट हो रहा है? या फिर सिर्फ 1-2 दिन में खत्म हो जा रहा है? 40 की उम्र के आसपास ऐसा होना आम बात है। हेल्थ इन्फ्लुएंसर और हार्मोन व गट हेल्थ डाइटीशियन मनप्रीत कालरा के मुताबिक यह परिमेनोपॉज की शुरुआत हो सकती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है, जिससे साइकल छोटी, अनियमित या हल्की हो सकती है। कई महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि यह शरीर का साफ संकेत है कि अब लाइफस्टाइल पर ध्यान देने की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलाव अपनाकर 3-5 दिन का हेल्दी फ्लो वापस पाया जा सकता है।

ब्लड शुगर बैलेंस रखना है सबसे जरूरी

मनप्रीत कालरा बताती हैं कि अगर आप समय पर खाना नहीं खातीं, तो कॉर्टिसोल 30% तक बढ़ सकता है। ज्यादा स्ट्रेस हार्मोन ओव्यूलेशन को प्रभावित करता है। इसलिए मील स्किप करना बंद करें। हर मील में प्रोटीन और फाइबर जरूर शामिल करें। इससे ब्लड शुगर स्थिर रहती है और पीरियड्स ज्यादा रेगुलर होते हैं।

रोज स्ट्रेस मैनेज करना जरूरी

40 की उम्र में जिम्मेदारियां बढ़ती हैं और तनाव भी। लेकिन लगातार स्ट्रेस हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ देता है। रिसर्च बताती है कि ज्यादा कॉर्टिसोल से साइकल अनियमित हो सकती है। रोज 10-15 मिनट गहरी सांस, मेडिटेशन या हल्की वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यह छोटा सा कदम पीरियड हेल्थ पर बड़ा असर डालता है।

नींद से समझौता न करें

अगर आप 7-8 घंटे की नींद नहीं ले रही हैं, तो प्रोजेस्टेरोन का स्तर 25% तक गिर सकता है। यही हार्मोन पीरियड्स को संतुलित रखने में मदद करता है। रोज एक तय समय पर सोएं और सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद कर दें। अच्छी नींद हार्मोनल बैलेंस की सबसे सस्ती और असरदार दवा है।

गट और लिवर हेल्थ का रखें ध्यान

हार्मोन की सही सफाई के लिए गट और लिवर का स्वस्थ होना जरूरी है। फाइबर से भरपूर भोजन, बीज और पर्याप्त पानी पीना मददगार है। जब शरीर सही तरह से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है, तब पीरियड्स भी बेहतर होते हैं।

हल्की लेकिन नियमित एक्सरसाइज करें

बहुत ज्यादा हार्ड वर्कआउट की जरूरत नहीं है। वॉक, योग, पिलेट्स या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग काफी है। नियमित मूवमेंट से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्मोन संतुलित रहते हैं।

सूजन बढ़ाने वाले फूड्स कम करें

रिफाइंड शुगर, पैकेज्ड और तली-भुनी चीजें शरीर में सूजन बढ़ाती हैं। ज्यादा कैफीन भी हार्मोन को प्रभावित कर सकती है। इसके बजाय नट्स, बीज, देसी घी जैसे हेल्दी फैट्स लें। हर्बल टी और साइकल-सपोर्टिव फूड्स भी मदद करते हैं।

आखिर में याद रखें, 40 की उम्र में पीरियड में बदलाव सामान्य है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं। सही लाइफस्टाइल अपनाकर आप अपने हार्मोन को नैचुरली सपोर्ट कर सकती हैं और पीरियड हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं।

विनीत
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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