Lal Bahadur Shashtri Quotes Anmol Vachan, Lal Bahadur Shashtri jayanti: 2 अक्टूबर का दिन हमारे देश के लिए बेहद खास होता है। इस दिन हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री का जन्म हुआ था। जी हां, 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म हुआ था, जो भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद उन्होंने ही देश की सत्ता संभाली थी। शास्त्री जी के ही कार्यकाल में देश ने हरित क्रांति और श्वेत क्रांति जैसी चीजें देखीं। बात पाकिस्तान को जंग में परास्त करने की हो या फिर ताशकंद समझौते की, शास्त्री जी के कई काम ऐसे हैं जिनके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। लाल बहादुर के कई ऐसे विचार हैं जो किसी को भी प्रेरित कर सकते हैं। आज लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है। इस खास मौके पर आइए देखें उनके कुछ मोटिवेशनल कोट्स:
1. विज्ञान और अनुसंधान के काम में सफलता बड़े और असीमित संसाधनों पर निर्भर नहीं होती है बल्कि यह परेशानियों और लक्ष्यों को संभलकर चुनने से जुड़ी हुई है। सबसे ज्यादा जरूरत समर्पण और लगातार प्रयास करते रहने की है।
2. कानून के शासन का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना को बनाए रखा जा सके और इसे और मजबूत बनाया जा सके।
3. अनुशासन और संयुक्त प्रयास देश के लिए ताकत के सबसे बड़े और असली स्रोत हैं।
4. भारत को अपना सिर शर्म से झुकाना पड़ेगा अगर एक भी व्यक्ति बचा हो जो किसी भी तरह से अछूत कहलाता हो।
5. हमें शांति के लिए बहादुरी से लड़ना चाहिए जैसे हम युद्ध में लड़े थे।
6. यदि हम लगातार लड़ते रहेंगे तो हमारी ही जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हमें लड़ने के बजाय गरीबी, बीमारी और अशिक्षा से लड़ना चाहिए।
7. मेरी समझ से प्रशासन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके।
8. दूसरों को सलाह देने और खुद उस पर अमल न करने को लेकर मेरे मन में हमेशा असहजता महसूस होती रही है।
9. हम एक व्यक्ति के रूप में मनुष्य की गरिमा, चाहे उसकी जाति, रंग या पंथ कुछ भी हो, और बेहतर, पूर्ण और समृद्ध जीवन के उसके अधिकार में विश्वास करते हैं।
10. म दुनिया में सम्मान तभी हासिल कर सकते हैं जब हम आंतरिक रूप से मजबूत होंगे और अपने देश से गरीबी और बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं।
लाल बहादुर शास्त्री हमेशा कहते थे कि प्रत्येक राष्ट्र के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब वह इतिहास के चौराहे पर खड़ा होता है और उसे चुनना होता है कि उसे किस रास्ते पर जाना है। शास्त्री जी के जीवन में भी ऐसे कई मोड़ आए। उन्होंने हमेशा वह रास्ता चुना जो हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। अगर आप को भी लाल बहादुर शास्त्री के ये विचार पसंद आए हो तो आप इन्हें अपनों के साथ साझा कर सकते हैं।
