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Running Shoes vs Sneakers: रनिंग शूज और स्नीकर्स में क्या होता है अंतर, जानें कब पहना जाता है कौन सा जूता

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Apr 29, 2023, 03:02 PM IST

Running Shoes vs Sneakers: जूते कई प्रकार के होते हैं। बाजार में विभिन्न तरह के स्टाइलिश जूते उपलब्ध हैं और इन्हीं में शामिल हैं रनिंग शूज और स्नीकर्स। आखिरकार रनिंग शूज और स्नीकर्स में क्या अंतर होता है

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Running Shoes vs Sneakers

Running Shoes vs Sneakers: जूते कई प्रकार के होते हैं। बाजार में विभिन्न तरह के स्टाइलिश जूते उपलब्ध हैं। जब आप शूज खरीदने जाते हैं तो दुकानदार आपको लेदर शूज, स्पोर्ट्स शूज जैसे तमाम जूते दिखाता है। इन्हीं में शामिल हैं रनिंग शूज और स्नीकर्स। आजकल स्नीकर्स काफी चलन में हैं और युवा इन्हें काफी पसंद करते हैं। बता दें कि जूतों के नाम उनके फैब्रिक और मेटेरियल के हिसाब से अलग अलग होते हैं। आइये जानते हैं कि आखिरकार रनिंग शूज और स्नीकर्स में क्या अंतर होता है।

क्या होते हैं रनिंग शूज

Running Shoes रनिंग, वॉकिंग और ट्रेनिंग के लिहाज से इस्तेमाल में लाए जाते हैं। यह चलने फिरने के हिलाज से बेहतर होते हैं। इन्हें बनाने में सिंथेटिक मेटेरियल जैसे Nylon और Polyurethane का इस्तेमाल होता है। इनका वजन भी काफी हल्का होता है और नॉयलॉन से बने होने के कारण इनकी लाइफ भी काफी होती है।

कैसे होते हैं Sneakers

स्नीकर्स काफी आरामदायक जूते होते हैं जिनको बनाने में कैनवास, टेक्सटाइल व कभी-कभी लेदर का यूज होता है। स्नीकर्स शब्द का इस्तेमाल अमेरिका में किया जाता है और इसी को ब्रिटेन में जोगर्स बोला जाता है। यह वजन में हल्के होते हैं और कुल लुक देते हैं। एथलिट, जिम लवर्स और टेनिस प्लेयर्स स्नीकर्स का इस्तेमाल अधिक करते हैं।

स्नीकर्स पहनने के रूल्स

स्नीकर्स युवाओं की पहली पसंद हैं। हालांकि स्नीकर्स को फॉर्मल ड्रेस के साथ पहना नहीं जा सकता है। यह जींस के साथ ज्यादा शानदार लुक देते हैं। इनके साथ पहने जाने वाले पैंट / चिनोज / जींस को नीचे से हल्का मोड़कर पहन सकते हैं। इसका उपयोग हमें दौड़ने और खेलने-कूदने के लिए नहीं करना चाहिए। जब बात दौड़ने और खेलने-कूदने हो तो रनिंग शूज का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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