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नवरात्रि में लगाएं ये फूल वाले पौधे, दिवाली के बाद चमक उठेगा आपका आशियाना

इस नवरात्रि प्रकृति के इन अनमोल रंगों को अपने घर का हिस्सा बनाएं, ताकि जब दिवाली पर आपके घर दीप जगमगाएं, तो चारों तरफ खिले हुए फूल भी उत्सव की खुशी में चार चांद लगा दें।

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नवरात्रि में लगाएं ये पौधे, दिवाली तक खिलेंगे फूल (AI Generated and Newsroom Verified Image)

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही हर कोई अपने घर को सजाने और संवारने में जुट जाता है। शारदीय नवरात्रि के पवित्र दिनों में घर की साफ-सफाई के साथ-साथ हरियाली लाना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आप भी इस नवरात्रि अपने घर के गार्डन, बालकनी या गमलों में कुछ नए पौधे लगाने की सोच रहे हैं, तो कुछ ऐसे फूल वाले पौधे हैं जिन्हें नवरात्रि में रोपने पर दिवाली के आसपास शानदार फूल खिलने लगते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ चुनिंदा पौधों के बारे में जो आपके घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देंगे:

गेंदा (Marigold)

गेंदे के फूल भारतीय संस्कृति और त्योहारों का पर्याय हैं। नवरात्रि से लेकर दिवाली तक पूजा-पाठ, माला बनाने और घर की सजावट में गेंदे की सबसे ज्यादा मांग होती है। यदि आप नवरात्रि में गेंदे के पौधे या इसके बीज गमलों में लगाते हैं, तो लगभग 4 से 6 सप्ताह के भीतर पौधे अपनी ग्रोथ पूरी कर लेते हैं। दिवाली के आसपास और ठंड की शुरुआत में इनमें पीले और नारंगी रंगों के चमकीले फूल गुच्छों में खिलते हैं, जो घर के प्रवेश द्वार और बालकनी की सुंदरता कई गुना बढ़ा देते हैं।

गुलदाउदी (Chrysanthemum)

गुलदाउदी को विंटर सीजन का सबसे खूबसूरत फूल माना जाता है। इसके पौधों को लगाने और कटिंग तैयार करने का यह बिल्कुल सही समय है। नवरात्रि के दौरान यदि आप नर्सरी से गुलदाउदी के पौधे लाकर लगाते हैं, तो दिवाली के बाद जब ठंड जोर पकड़ने लगेगी, तब आपका पूरा गार्डन रंग-बिरंगे गुलदाउदी के फूलों से भर जाएगा। इसके फूल लाल, पीले, सफेद और गुलाबी जैसे कई आकर्षक रंगों में आते हैं।

साल्विया (Salvia) और पिटुनिया (Petunia)

अगर आप अपने घर के गमलों में विदेशी और आधुनिक फूलों जैसी खूबसूरती चाहते हैं, तो साल्विया और पिटुनिया बेहतरीन विकल्प हैं। साल्विया के लंबे स्पाइक वाले लाल और बैंगनी फूल देखने में बेहद मनमोहक लगते हैं। वहीं पिटुनिया के रंग-बिरंगे ट्रम्पेट जैसे फूल गमलों को पूरी तरह ढक लेते हैं। नवरात्रि में इनकी रोपण प्रक्रिया पूरी करने पर ये त्योहारी सीजन के बाद अपनी पूर्ण यौवन अवस्था में आ जाते हैं।

गुलाब (Rose)

गुलाब के बिना किसी भी गार्डन की कल्पना अधूरी मानी जाती है। हालांकि गुलाब सालभर खिलता है, लेकिन अक्टूबर और नवंबर का मौसम इसके विकास के लिए सबसे स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान मौसम में हल्की ठंडक और धूप होती है। नवरात्रि में नए गुलाब के पौधे लगाने या पुराने पौधों की कटाई-छटाई करने से उनमें नई कोपलें फूटती हैं और दिवाली तक बड़े, सुगंधित और सुंदर फूल खिलने लगते हैं।

पौधे लगाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सही मिट्टी और खाद: पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए दोमट मिट्टी में गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर उपजाऊ मिट्टी तैयार करें। गमलों में पानी के निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए।

धूप और पानी: इन सभी मौसमी फूलों के पौधों को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है। पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी हुई महसूस हो, अत्यधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं।

इस नवरात्रि प्रकृति के इन अनमोल रंगों को अपने घर का हिस्सा बनाएं, ताकि जब दिवाली पर आपके घर दीप जगमगाएं, तो चारों तरफ खिले हुए फूल भी उत्सव की खुशी में चार चांद लगा दें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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