Delhi Protest: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने शनिवार को आरोप लगाया कि केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में पुलिस के एक वाहन में कई घंटे तक घुमाया गया और उन्हें समय पर दवाएं भी नहीं लेने दी गईं।
ब्रिटास ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद 82 वर्षीय वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता विजयन की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कोई ध्यान नहीं रखा। ब्रिटास ने बताया कि वह, विजयन और पूर्व मंत्री के. एन. बालगोपाल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए केरल भवन से बाहर निकले थे, तभी पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया।
'घंटों दिल्ली की सड़कों पर घुमाया'
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद तीनों को वाहन में बैठाया गया और कई घंटे तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाया गया। ब्रिटास ने कहा, ''हम काफी देर से पुलिसकर्मियों से पूछ रहे हैं कि उनका इरादा क्या है। कॉमरेड विजयन देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हैं और समय पर दवाएं लेनी पड़ती हैं। इसके बावजूद पुलिसकर्मी हमारे साथ सामान्य शिष्टाचार बरतने को भी तैयार नहीं हैं।''
उन्होंने बताया कि तीनों नेताओं को पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे से अपराह्न दो बजकर 20 मिनट तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाया गया तथा इसके बाद मंदिर मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया। ब्रिटास ने पुलिस थाने पहुंचने के बाद संवाददाताओं से कहा कि विजयन थक गए थे और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''हमें एक छोटी गाड़ी में बैठाकर कई घंटे तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाया गया। वह वरिष्ठ नागरिक हैं और देश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में से एक हैं। पुलिस ने हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया।''
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ब्रिटास ने लगाए गंभीर आरोप
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, ब्रिटास ने बताया कि विजयन की हालत देखने के बाद पुलिसकर्मी उनके लिए भोजन का इंतजाम करने गए। उन्होंने कहा कि बाद में विजयन का सुरक्षाकर्मी उनके लिए भोजन लाने केरल भवन गया। ब्रिटास ने कहा कि नेताओं ने पुलिस से बार-बार अनुरोध किया था कि उन्हें वाहन में इतनी देर तक घुमाने के बजाय हवालात में रखा जाए।
इस बीच, माकपा नेता एम. बी. राजेश ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे गैरकानूनी और अमानवीय बताया। राजेश ने संवाददाताओं से कहा कि विजयन, बालगोपाल और ब्रिटास को किसी पुलिस थाने ले जाने के बजाय चार घंटे तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि हिरासत में लिए गए नेताओं को चलते वाहन में इतनी देर तक रखने का कानूनी आधार क्या है। राजेश ने कहा, ''82 वर्षीय नेता को इस दौरान भोजन और पानी तक नहीं दिया गया। उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उनकी जान को खतरा हो सकता था।''
उन्होंने इस घटना को गैरकानूनी हिरासत का मामला बताते हुए कहा कि माकपा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ केरलम में विरोध प्रदर्शन करेगी। राजेश ने केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देने और पुलिस की कार्रवाई की निंदा करने की मांग की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे वामपंथी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
