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24 घंटे के लिए याददाश्त गायब! जुनैद खान-साई की ‘एक दिन’ के ट्रेलर में दिखी अजीब बीमारी - ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया

Transient Global Amnesia: जुनैद खान-साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ के ट्रेलर में दिखी अचानक याददाश्त गायब होने वाली बीमारी क्या सच में होती है? चलिए डॉक्टर से जानें ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया (TGA) क्या है, इसके लक्षण, कारण और इलाज।

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क्या है ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया - 24 घंटे तक क्यों चली जाती है याददाश्त?

Junaid Khan And Sai Pallavi's film Condition Transient Global Amnesia: सोचकर देखिए कि आप सुबह उठते हैं… सब कुछ बिल्कुल सामान्य है। आप अपने घरवालों को पहचान रहे हैं, अपने नाम तक सब याद है। लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक आप बार-बार एक ही सवाल पूछने लगते हैं - 'मैं यहां कैसे आया?' या 'अभी क्या हुआ था?' और आपको हर बार जवाब सुनकर भी याद नहीं रहता। कुछ ऐसा ही सीन हाल ही में जुनैद खान-साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ के ट्रेलर में देखने को मिला, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

डॉक्टर्स की राय में असल जिंदगी में भी ऐसी स्थिति होती है, जिसे मेडिकल भाषा में ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया (TGA) कहा जाता है। अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजिस्ट और सीनीयर कंसल्टेंट डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि यह एक दुर्लभ लेकिन रियल न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जिसमें कुछ समय के लिए याददाश्त साथ छोड़ देती है, लेकिन डरने से ज्यादा समझने की जरूरत होती है। चलिए डॉक्टर से जानें क्या है ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया (TGA)।

क्या है ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया - 24 घंटे तक क्यों चली जाती है याददाश्त?

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया (TGA) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अचानक नई चीजें याद रखना बंद कर देता है। वह बार-बार एक ही सवाल पूछ सकता है, क्योंकि उसे हाल की बातें याद नहीं रहतीं। ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया में सबसे खास बात यह होती है कि व्यक्ति नई बातें याद नहीं रख पाता। यानी जो अभी हुआ, वही दिमाग में टिकता नहीं।

डॉ. अमित अग्रवाल के मुताबिक, इस दौरान मरीज बार-बार एक ही सवाल पूछ सकता है, क्योंकि उसे अभी का पल याद नहीं रहता। हालांकि अच्छी बात यह है कि वह अपनी पहचान नहीं भूलता, न ही बेहोश होता है। यह एपिसोड आमतौर पर 4 से 8 घंटे तक रहता है और 24 घंटे के अंदर सब कुछ धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है।

Transient Global Amnesia TGA

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया कितनी हो सकती है खतरनाक

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया किन लोगों में ज्यादा होता है

यह समस्या ज्यादातर 50 से 70 साल की उम्र के लोगों में देखी जाती है। कम उम्र के लोगों में इसके मामले बहुत कम होते हैं।

रिसर्च बताती है कि हर साल 1 लाख लोगों में से करीब 5 से 10 लोगों को यह होता है। लेकिन 50 साल से ऊपर के लोगों में यह संख्या थोड़ी बढ़ जाती है। यानी यह आम बीमारी नहीं है, लेकिन पूरी तरह दुर्लभ भी नहीं है।

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया के लक्षण क्या हैं

डॉक्टर की राय में इस स्थिति के लक्षण थोड़े अलग और चौंकाने वाले होते हैं। सबसे आम लक्षण है -

  • बार-बार एक ही सवाल पूछना
  • मरीज को अभी-अभी हुई बातें याद नहीं रहतीं।

इसके साथ हल्की पुरानी यादों में भी कमी हो सकती है, लेकिन वह अपने परिवार और खुद की पहचान नहीं भूलता। कोई कमजोरी, बोलने में दिक्कत या शरीर के किसी हिस्से में समस्या नहीं होती। यही बात इसे स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से अलग बनाती है।

किन कारणों से ट्रिगर हो सकता है ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया

डॉ अमित की मानें तो इसका कोई एक तय कारण अभी तक साफ नहीं है, लेकिन कुछ ट्रिगर्स जरूर सामने आए हैं। जैसे बहुत ज्यादा भावनात्मक तनाव, अचानक भारी एक्सरसाइज, ठंडे या गर्म पानी में जाना, या तेज दर्द महसूस करना। इसके अलावा माइग्रेन से भी इसका संबंध देखा गया है। डॉक्टर मानते हैं कि जब शरीर या दिमाग पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ता है, तब यह स्थिति ट्रिगर हो सकती है।

दिमाग में क्या होता है उस समय?

जब डॉक्टर MRI करते हैं, तो कई मामलों में दिमाग के हिप्पोकैम्पस हिस्से में छोटे बदलाव दिखते हैं। यही हिस्सा हमारी याददाश्त को कंट्रोल करता है। डॉ अग्रवाल बताते हैं कि यह कोई स्थायी नुकसान नहीं होता, बल्कि अस्थायी गड़बड़ी होती है। यानी दिमाग कुछ समय के लिए ठीक से काम नहीं करता, लेकिन बाद में खुद ही ठीक हो जाता है।

Transient Global Amnesia TGA Kya Hai

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया के लक्षण, कारण और इलाज समझें

क्या यह स्ट्रोक जैसा खतरनाक है?

अचानक याददाश्त जाना सुनने में बहुत डरावना लगता है, और कई बार इसके लक्षण स्ट्रोक या मिनी स्ट्रोक जैसे भी लग सकते हैं।

इसीलिए डॉक्टर सबसे पहले इन गंभीर बीमारियों को टेस्ट के जरिए बाहर करते हैं। जब सब रिपोर्ट्स नॉर्मल आती हैं, तब TGA की पुष्टि होती है। अच्छी बात यह है कि TGA आमतौर पर खतरनाक नहीं होता और इसमें किसी बड़े इलाज की जरूरत नहीं पड़ती, सिर्फ सही पहचान और मरीज को भरोसा देना जरूरी होता है।

ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया का इलाज क्या है?

डॉ अमित बताते हैं कि ट्रांजिएंट ग्लोबल एम्नेसिया (TGA) का कोई खास इलाज नहीं होता, क्योंकि यह अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन सबसे जरूरी है सही जांच। डॉक्टर पहले यह सुनिश्चित करते हैं कि यह स्ट्रोक, मिनी स्ट्रोक (TIA) या दौरे (seizure) जैसी गंभीर समस्या तो नहीं है। इसके लिए MRI जैसी जांच की जाती है। जब बाकी सभी गंभीर कारण बाहर हो जाते हैं, तब TGA को कंफर्म किया जाता है। इसके बाद मरीज को सिर्फ आराम और भरोसा देने की जरूरत होती है।

क्या यह दोबारा भी हो सकता है?

डॉ अमित अग्रवाल के अनुसार, यह स्थिति दोबारा होना काफी कम देखा गया है। लगभग 10 से 15% मामलों में ही यह फिर से होता है। इसलिए अगर किसी को एक बार ऐसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

आखिर क्या समझना जरूरी है?

अचानक याददाश्त का जाना किसी के लिए भी बहुत डरावना अनुभव हो सकता है। लेकिन हर बार यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होता। जरूरी यह है कि ऐसे लक्षण दिखते ही देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। सही समय पर सही जानकारी ही आपको बेवजह के डर से बचा सकती है।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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