Maharashtra MBBS Bond Cancellation News: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी, म्युनिसिपल, एडेड और प्राइवेट बिना-एडेड मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वालों के लिए साल की ‘सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ सर्विस को खत्म कर (Maharashtra MBBS Bond Cancellation) दिया है। 23 जुलाई 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, एमबीबीएस छात्रों के लिए यह कदम उठाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है। हालांकि, पोस्ट-ग्रेजुएट और सुपर-स्पेशियलिटी लेवल के लिए इसे खत्म नहीं किया गया है।
बता दें इसे आमतौर पर बॉन्ड सर्विस कहा जाता है। इस पॉलिसी के तहत सरकार मेडिकल की पढ़ाई का खर्च उठाती थी और युवा डॉक्टर सरकारी संस्थान, स्थानीय निकाय या सेना में एक साल तक सेवा देकर उस सरकारी निवेश का कुछ हिस्सा चुकाते थे। हालांकि, समय के साथ इस व्यवस्था को लेकर कई तरह की व्यावहारिक चुनौतियां सामने आई। मेडिकल छात्रों और विभिन्न संगठनों का कहना था कि अनिवार्य सेवा के कारण उन्हें पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा और करियर की योजना बनाने में कठिनाई होती है। यही कारण है कि महाराष्ट्र सरकार ने इसे खत्म कर दिया है।
इसलिए राज्य सरकार ने लिया यह निर्णय
इसके चलते अधिकतर एमबीबीएस करने के बाद छात्रों को एक जरूरी शर्त पूरी करनी थी, लेकिन सरकार उन्हें पोस्टिंग नहीं दे पा रही थी। कुछ लोग नौकरी करने के इच्छुक नहीं थे, वहीं कुछ तैयार तो थे, लेकिन उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी। जिससे पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा और करियर की योजना बनाने में कठिनाई होती थी। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।
एमबबीएस के बाद पीजी एंट्रेंस की तैयार कर सकेंगे
सरकार के नए आदेश के बाद अब एमबीबीएस ग्रेजुएट्स अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद पीजी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे, निजी या सरकारी अस्पतालों में नौकरी कर सकेंगे या अपनी आगे की चिकित्सा शिक्षा बिना किसी अतिरिक्त अनिवार्य सेवा के जारी रख सकेंगे। इससे उनके करियर की योजना अधिक लचीली और आसान होने की उम्मीद है।
