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Aaj ka Suvichar: कबीर के इस दोहे में छिपा है जीवन का गहरा रहस्य, देता है जिंदगी का असली ज्ञान

Aaj ka Suvichar: आज का सुविचार हमें सिखाता है कि कभी भी धन, पद या शक्ति का अहंकार नहीं करना चाहिए। समय हमेशा बदलता है, इसलिए घमंड से बचना चाहिए।

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आज का सुविचार (फोटो: AI)

Aaj ka Suvichar: संत कबीरदास भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान कवि थे, जिनके दोहे आज भी लोगों को सही राह दिखाने का काम करते हैं। हर किसी के जीवन में लगभग एक ऐसा समय जरूर आता है जब उसे लगता है कि जीवन में अंधकार के सिवा कुछ नहीं बचा ऐसे में एक सुविचार आपको सहारा देने का काम कर सकता है। एक अच्छा विचार (Today Suvichar) ना केवल आपको मोटिवेट करता है बल्कि अंदर से मजबूत भी बनाता है। उदासी के बीच आपको नई किरण मिल सके इसके लिए हम आपके साथ सुविचार साझा करते हैं। इसी कड़ी में हमारा आज का सुविचार संत कबीर का यह दोहा है-

माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय। एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोय।।

संत कबीरदास का ये दोहा मनुष्य को उसके जीवन की वास्तविकता का एहसास कराता है। यह दोहा हमें अहंकार छोड़ने, विनम्र बनने और जीवन की नश्वरता को समझने की सीख देता है। इस दोहे से बड़ी सीख हमें मिलती है जैसे- समय हमेशा बदलता रहता है, इसलिए घमंड से बचना चाहिए। कभी भी हमें धन, पद या शक्ति का अहंकार नहीं करना चाहिए क्योंकि ये जीवन अस्थायी है।

दोहे का सरल अर्थ

मिट्टी और कुम्हार की बातचीत जिसमें बड़ा मूल्य है इस दोहे में छिपी हुई है। दोहे का सरल अर्थ के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं। इसमें मिट्टी कुम्हार से कह रही है कि आज तुम मुझे अपने पैरों से रौंद रहे हो और मनचाहा आकार दे रहे हो, लेकिन एक दिन ऐसा भी आएगा जब तुम्हारा शरीर भी इसी मिट्टी में मिल जाएगा। तब यही मिट्टी तुम्हें अपने भीतर समा लेगी। दोहे का संदेश यह है कि चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली, धनवान या प्रभावशाली क्यों न हो, अंत में हर व्यक्ति को इसी धरती में मिल जाना है। इसलिए हमें किसी भी बात का घमंड नहीं करना चाहिए।

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अगर आपको आज का यह सुविचार पसंद आया हो तो पढ़ें इसी तरह के कुछ और प्रेरक विचार:

1- अहंकार इंसान को ऊंचा नहीं उठाता, बल्कि उसके पतन का कारण बनता है।

2- जो समय की कद्र करता है, समय भी उसकी कद्र करता है।

3- मीठे शब्द छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनका असर बहुत बड़ा होता है।

4- जीवन में सबसे बड़ा धन अच्छा चरित्र और सच्चे संस्कार हैं।

5- दूसरों को बदलने से पहले खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करें।

6- धैर्य वह ताकत है, जो कठिन समय को भी आसान बना देती है।

7- कर्म ऐसे करो कि पहचान नाम से नहीं, काम से बने।

8- सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जो हार मानने के बजाय प्रयास करते रहते हैं।

9- रिश्तों की खूबसूरती धन से नहीं, सम्मान और विश्वास से बढ़ती है।

10- जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि जो आया है, उसे एक दिन जाना भी है, इसलिए हर पल अच्छे कर्म करें।

आप चाहें तो ये प्रेरक सुविचार अपने दोस्तों और करीबियों के साथ भी शेयर कर सकत हैं। इन्हें आप अपने सोशल मीडिया के जरिये भी पोस्ट कर सकते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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