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Jaun Elia Shayari: मैं दिल किसी से लगा लूं अगर इजाजत हो.. इश्‍क करने वाले जरूर पढ़ें जॉन एलिया की ये 10 शायरियां, उर्दू शेर

Jaun Elia Shayari: जौन सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं हिंदुस्तान और पूरी दुनिया में अदब के साथ पढ़े और जाने जाते हैं। उनकी शायरी में दर्द और जिंदगी के कई चेहरे नजर आते हैं। उनकी शायरी युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है और उन्हें काफी पढ़ा और सुना भी जाता है।

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Jaun Elia Shayari Urdu In Hindi Famous sher

Jaun Elia Shayari: जॉन एलिया (Jaun Elia Urdu Shayari) को गैर रिवायती शायर कहा जाता था। बिखरे बाल और पतले से चेहरे का ये शख्स मंच पर आने के बाद सुनने वालों को अपने लफ़्जों और कहने के अंदाज में ऐसा बांधता था कि शायरी (Jaun Elia Hindi Shayari) खत्म हो जाती, लेकिन सुनने वालों का दिल नहीं भरता था। यूं तो जॉन उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्मे थे, लेकिन भारत के बंटवारे के कुछ साल बाद वो पाकिस्तान के कराची में जा बसे। जौन एलिया की शायरी में दर्द (Sad Shayari) और जिंदगी (Love Shayari) के कई चेहरे नजर आते हैं। उनकी शायरी हर उम्र के लोग सुनते हैं। आज हम जॉन एलिया के उन चुनिन्दा शेर बताने जा रहे हैं, जो लोगों के बीच बेहद मशहूर हैं।

Jaun Elia Shayari In Urdu, Hindi, Famous Sher Rekhta (जॉन एलिया की शायरी) -

1) एक हुनर है जो कर गया हूँ मैं

सब के दिल से उतर गया हूँ मैं

कैसे अपनी हँसी को ज़ब्त करूँ

सुन रहा हूँ के घर गया हूँ मैं

कभी खुद तक पहुँच नहीं पाया

जब के वाँ उम्र भर गया हूँ मैं

2) काम की बात मैंने की ही नहीं

ये मेरा तौर ए ज़िंदगी ही नहीं

3) शर्म, दहशत, झिझक परेशानी

नाज़ से काम क्‍यों नहीं लेतीं

आप, जी, वो मगर ये सब क्या है

तुम मेरा नाम क्‍यों नहीं लेतीं

4) मैं भी बहुत अजीब हूं इतना अजीब कि बस

खुद को तबाह कर लिया मलाल भी नहीं

5) बहुत नज़दीक आती जा रही हो,

बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या

6) मेरी अक्‍ल-ओ -होश की सब हालतें

तुमने सांचे में जुनूं के ढाल दीं

कर लिया था मैं अहद-ए-तर्क-ए-इश्‍क़

तुमने फिर बांहें गले में डाल दीं

7) ज़िंदगी किस तरह बसर होगी

दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

8) शर्मिंदगी है हमको बहुत हम मिले तुम्‍हें

तुम सरबसर खुशी थे मगर ग़म मिले तुम्‍हें

ग़म ये नहीं कि तुम ही बहुत कम मिले हमें

ग़म तो ये है कि तुम भी बहुत कम मिले तुम्‍हें

9) दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते

अब कोई शिकवा हम नहीं करते

10) ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता

एक ही शख़्स था जहान में क्या

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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