21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2026) मनाया जा रहा है। इस खास दिन को लेकर भारत में अलग तरह का उत्साह है। हमारे देश में माना जाता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और योग दोनों के बीच संतुलन स्थापित करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक आदत है। अगर इसे रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह शरीर के साथ-साथ मन को भी नई ऊर्जा से भर देता है।
योग को लेकर बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि सुबह या फिर शाम, आखिर किस समय योग करने से शरीर को ज्यादा लाभ मिलता है। इस सवाल के जवाब में अलग-अलग लोग तमाम तरह के जवाब देते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि सुबह योग करने से पूरा दिन बेहतर और सकारात्मक बना रहता है।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि शाम में योग करना ज्यादा लाभकारी होता है। ऐसे लोग तर्क देते हैं कि शाम तक शरीर में दिन भर की थकान और नकारात्मकता इकट्ठा हो जाती। ऐसे में योग करना हमें अंदर से नई ऊर्जा देता है और शरीर को शांत और साफ करता है।
योग करने का सही समय क्या है?
इस सवाल को लेकर हमने बहुत से योगाचार्यों के वीडियो देखे। उनकी बातें सुनी। योग के लगभग हर विद्वान ने इस पर एक समान बात कही है। इन सबकी बातों का निचोड़ निकालें तो ये बात सामने आती है कि सुबह भी योग करना सही है और शाम को भी। लेकिन यहां सबसे जरूरी बात कुछ और है।
योग के एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इंसान के लिए योग करने का सबसे सही समय वो है जिस समय पर वो रोज कर सके। अगर वह रोज सुबह के वक्त योग कर पाए तो उसके लिए सुबह का समय ठीक है। अगर कोई रोज शाम को नियमित तौर पर योग के लिए समय निकाल पाए तो उसके लिए शाम का वक्त सही है। अगर किसी को लगता है कि वो रोज दोपहर में समय निकाल सकता है तो उसके लिए योग का सबसे उपयुक्त समय दोपहर होगा।
योग की निरंतरता से मिलते हैं कई फायदे
कुल मिलाकर देखें तो योग हमसे निरंतरता मांगता है। यह रोज करने की चीज है। ऐसा नहीं है कि आपने आज कर लिया फिर अगले सप्ताह जब टाइम मिलेगा तब करें। योग एक तरह की साधना है। आपको इस साधना को अपनी जीवनशैली में शामिल करना होगा। जिस तरह से रोजाना के कुछ कामों के लिए हमने समय तय कर रखा है उसी तरह से योग के लिए भी करना चाहिए।
वैसे भी नियमित योग से तनाव और चिंता कम होती है, जिससे मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जब लोग मानसिक दबाव और थकान से जूझ रहे हैं, योग उन्हें भीतर से मजबूत बनाने का काम यही योग करता है।
