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International Women's Day 2025 Theme: जानिए क्या है भारत में इंटरनेशनल वीमेन डे की 2025 थीम पोस्टर

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Mar 7, 2025, 06:17 PM IST

International Women's Day 2025 Theme, Poster in India, Quotes, wishes in Hindi: 8 मार्च को हर साल इंटरनेशनल वीमेन डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस मौके पर जगह जगह पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को हर साल किसी न किसी थीम के जरिए सेलिब्रेट किया जाता है। ऐसे में इस साल भी महिला दिवस की थीम रखी गई है। ऐसे में यहां बताने जा रहे हैं कि इस साल इंटरनेशनल वीमेन डे की थीम क्या रखी गई है।

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women day 2025

International Women's Day 2025 Theme: हर साल की तरह इस साल भी 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाना है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए सेलिब्रेट किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का लक्ष्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में उन्हें बराबरी का हक दिलाना भी है। यह दिन हर महिलाओं को उनके त्याग, काम, अधिकार और समान्न के लिए मनाया जाता है। महिला दिवस को हर साल किसी ने किसी थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। ऐसे में हम यहां बताने जा रहे हैं भारत में इंटरनेशनल वीमेन डे की 2025 क्या है थीम पोस्टर।

Women’s Day 2025 की थीम और महत्व

हर साल महिला दिवस को किसी न किसी थीम के जरिए सेलिब्रेट किया जाता है। ऐसे में इस साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम “एक्सीलरेट एक्शन” रखी गई है। जिसका मतलब “तेजी से कार्य करना” है। इस थीम का मतलब है कि हमें खुदपर बहुत मेहनत करने की जरूरत है। साथ ही महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास 20वीं सदी की शुरुआत में महिलाओं के अधिकारों और समानता के लिए किए गए संघर्षों से जुड़ा हुआ है। 1908 में, न्यूयॉर्क शहर में 15,000 महिलाओं ने काम के कम घंटों, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार की मांग करते हुए एक विरोध प्रदर्शन किया था। 1910 में, डेनमार्क में समाजवादी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में क्लारा जेटकिन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार प्रस्तावित किया। 1911 में, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें लाखों महिलाओं ने भाग लिया। 1917 में, रूसी महिलाओं ने "रोटी और शांति" की मांग करते हुए एक हड़ताल की। यह हड़ताल जूलियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी के आखिरी रविवार को हुई, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च था। इस घटना के बाद, 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में स्थापित हुआ।

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<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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