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किस तापमान और कितनी देर तक AC में रखें, जानिए कब बच्चों के लिए दुश्मन बन जाता है एसी

AC Rules for Kids: गर्मी से बचाव जरूरी है, लेकिन बच्चों की सेहत उससे भी ज्यादा जरूरी है। इसलिए एसी का इस्तेमाल आराम के लिए करें, आदत बनाने के लिए नहीं।

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बच्चों को कब नुकसान पहुंचाने लगता है एसी (Photo: iStock)

AC Rules for Kids: गर्मियों की तेज धूप और बढ़ते तापमान से बचने के लिए ज्यादातर लोग एसी का सहारा लेते हैं। खासकर छोटे बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए माता-पिता घंटों तक उन्हें एसी कमरे में रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा एसी बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक भी बन सकता है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही तापमान और सही समय तक एसी का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, वरना यही आराम बच्चों के लिए परेशानी की वजह बन सकता है।

बच्चों के लिए कितना एसी सुरक्षित?

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को पूरे दिन लगातार एसी में रखना सही नहीं माना जाता। खासकर नवजात और छोटे बच्चों का शरीर तापमान में बदलाव को जल्दी महसूस करता है। ऐसे में बहुत ज्यादा ठंडा वातावरण उन्हें असहज कर सकता है।

डॉक्टर्स के मुताबिक कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना बच्चों के लिए बेहतर माना जाता है। बहुत कम तापमान पर एसी चलाने से बच्चों को सर्दी, खांसी या त्वचा में रूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों के लिए कब AC बन जाता है दुश्मन?

अगर बच्चा लंबे समय तक बंद कमरे में लगातार एसी में रहे, तो शरीर की नैचुरल तापमान सहने की क्षमता कम होने लगती है। बार-बार गर्म और ठंडे वातावरण में आने-जाने से भी बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

इसके अलावा एसी की ठंडी और सूखी हवा बच्चों की स्किन और नाक को ड्राई कर सकती है। कई बच्चों को इससे एलर्जी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

छोटे बच्चों के लिए रखें खास ध्यान

नवजात बच्चों को सीधे एसी की हवा में नहीं सुलाना चाहिए। एसी की तेज हवा उनके शरीर के तापमान को तेजी से गिरा सकती है। कोशिश करें कि बच्चा हल्के कॉटन कपड़ों में रहे और उसके शरीर को जरूरत के अनुसार ढका जाए।

साथ ही कमरे में थोड़ी-थोड़ी देर पर ताजी हवा आने देना भी जरूरी होता है। पूरे दिन बंद कमरे में रहने से ऑक्सीजन का फ्लो कम महसूस हो सकता है।

एसी इस्तेमाल करते समय ये बातें रखें याद

एसी का फिल्टर समय-समय पर साफ करें, क्योंकि गंदे फिल्टर बैक्टीरिया और धूल बढ़ा सकते हैं। बच्चों को एसी से निकलते ही तुरंत तेज धूप में ना ले जाएं। इससे शरीर पर अचानक तापमान का असर पड़ता है।

अगर बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा हो, सांस लेने में दिक्कत हो रही हो या स्किन बहुत ड्राई हो रही हो, तो एसी का इस्तेमाल सीमित करना बेहतर माना जाता है।

गर्मी से बचाव जरूरी है, लेकिन बच्चों की सेहत उससे भी ज्यादा जरूरी है। इसलिए एसी का इस्तेमाल आराम के लिए करें, आदत बनाने के लिए नहीं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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