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Hanuman Jayanti Sanskrit Wishes: श्री हनुमत् जन्मोत्सवस्य शुभाशया:- हनुमान जयंती की शुभकामनाएं संस्कृत में

हनुमान जयंती की शुभकामनाएं संस्कृत में (Happy Hanuman Jayanti 2025 Sanskrit Wishes, Quotes), Happy Hanuman Jayantika Dahan Wishes in Sanskrit: देशभर में आज हनुमान जयंती की धूम मची हुई है। इस खास दिन की शुरुआत ही शुभकामना संदेश के साथ होती है। अगर आप भी आज किसी अपने को स्पेशल अंदाज में विश करना चाहते हैं तो आपको यहां दिए संस्कृत मैसेज की मदद ले सकते हैं।

Happy Hanuman Jayanti 2025 Wishes in Sanskrit

हनुमान जयंती की शुभकामनाएं संस्कृत में (Happy Hanuman Jayanti 2025Sanskrit Wishes, Quotes), Happy Hanuman Jayantika Dahan Wishes in Sanskrit: भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार और कलयुग के देवता, हमारे केशरी के लाल बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाने की तैयारियां चल रही हैं। हर साल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस साल ये खास दिन आज यानी 12 अप्रैल को है। आज लोग पूजा-पाठ करते हैं और हनुमान जी को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। साथ ही एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी देने की परंपरा है। हिंदी तो मराठी, हर भाषा में लोग एक -दूसरे को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामना देते हैं। अगर आप भी किसी अपने को इस स्पेशल दिन पर शुभ बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां से मदद ले सकते हैं। यहां हनुमान जयंती के साथ संस्कृत शुभकामना संदेश मौजूद हैं।

Hanuman Jayanti 2025 Wishes In Hindi

1) भगवतः हनुमानस्य दिव्यः सन्निधिः

भवन्तं सफलतां सिद्धिं च प्रति मार्गदर्शनं करोतु।

हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं !

2) बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।

अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्।।

3) हनुमानजयन्ती भक्त्या प्रार्थनापूर्वक आचरामः।

तस्य अचञ्चला श्रद्धया अस्माकं जीवनं स्पृशतु।

happy Hanuman Jayanti wishes in sanskrit

4) अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं

दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं

रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।

5) श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।

बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।

6) अस्मिन् हनुमत् जयन्ती पर बलं साहसं च कामना।

भगवान् हनुमानः सुखं शान्तिं च ददातु।

happy Hanuman Jayanti 2025 messages in sanskrit

7) ॐ रामदूताय विद्महे कपिराजाय धीमहि।

तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥

8) भगवान् हनुमानः यस्य प्रतीकं भवति तया आनन्देन आध्यात्मिकवृद्ध्या च भवतः जीवनं पूर्णं भवतु।

9) बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।

10) पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुरभूप।।

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Srishti
Srishti Author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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