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Gulkand Milk Benefits: सोते समय होती है एसिडिटी की समस्या, ठंडे दूध के साथ पी जाएं गुलाब से बनी ये मीठी चीज, जल्द मिलेगा सुकून

Gulkand Milk For Acidity: रात में सोते समय होने वाली एसिडिटी और सीने की जलन से परेशान हैं? बता दें कि ठंडा दूध और गुलकंद इससे राहत दे सकता है। जानिए इसके फायदे..

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सोते समय होने वाली एसिडिटी से राहत दिलाएगा गुलकंद के साथ ठंडा दूध

Gulkand Milk For Acidity: रात का समय आराम करने और चैन की नींद लेने का होता है, लेकिन कई लोगों के लिए यही समय परेशानी लेकर आता है। जैसे ही वे सोने के लिए लेटते हैं, पेट में जलन, भारीपन या खट्टी डकार जैसी एसिडिटी की समस्या शुरू हो जाती है। यह दिक्कत काफी आम है, खासकर उन लोगों में जो देर से खाना खाते हैं या मसालेदार भोजन पसंद करते हैं। ऐसे में नींद भी ठीक से नहीं आती और शरीर असहज महसूस करता है। आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में एक सरल उपाय बताया गया है - ठंडा दूध और गुलकंद। यह कॉम्बिनेशन पेट को शांत करने और एसिडिटी की जलन को कम करने में मदद कर सकता है।

रात में एसिडिटी क्यों ज्यादा परेशान करती है

दिनभर शरीर एक्टिव रहता है, लेकिन रात में लेटते ही पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। अगर खाना देर से खाया गया हो या भारी हो, तो पेट में बना एसिड ऊपर की तरफ आने लगता है। इसी वजह से सीने में जलन और बेचैनी महसूस होती है, जिसे लोग अक्सर एसिडिटी कहते हैं।

ठंडा दूध कैसे देता है राहत

ठंडा दूध पेट के लिए एक तरह का कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है। यह पेट की अंदरूनी परत को शांत करता है और एसिड के असर को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व पेट को भारीपन से राहत देने में भी सहायक होते हैं, इसलिए कई लोग इसे रात में लेना पसंद करते हैं।

गुलकंद क्यों माना जाता है फायदेमंद

गुलकंद गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया जाता है और इसे शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है। यह पेट की गर्मी को कम करने में मदद करता है और जलन जैसी समस्या को शांत कर सकता है। खासकर गर्मी या मसालेदार खाने के बाद यह ज्यादा उपयोगी माना जाता है।

दूध और गुलकंद का साथ क्यों असरदार है - Gulkand Milk Benefits

जब दूध और गुलकंद एक साथ लिए जाते हैं, तो यह पेट को अंदर से आराम देने वाला कॉम्बिनेशन बन जाता है। दूध एसिडिटी को शांत करता है, जबकि गुलकंद शरीर की गर्मी को कम करता है। दोनों मिलकर रात में होने वाली बेचैनी को कम करने में मदद कर सकते हैं।

इसे लेने का सही तरीका क्या है

रात को सोने से थोड़ी देर पहले एक गिलास ठंडे दूध में 1–2 चम्मच गुलकंद मिलाकर धीरे-धीरे पीना बेहतर माना जाता है। हालांकि इसे संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए। अगर एसिडिटी लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

छोटी-छोटी आदतें बदलकर और सही घरेलू उपाय अपनाकर रात की एसिडिटी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे नींद भी बेहतर हो जाती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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