Iran US tension: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे हो गए हैं। एपी के मुताबिक ईरान ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि अमेरिकी हवाई हमलों (US Airstrike) के कारण उसके देश के बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यह पहली बार है जब ईरान ने खुले तौर पर अपने पावर ग्रिड पर अमेरिकी हमलों की बात कबूल की है, जो दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचने का साफ संकेत है।
ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने देश के दक्षिणी प्रांतों में रहने वाले लोगों से बिजली का इस्तेमाल कम से कम करने की भावुक अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि एक तरफ इन इलाकों में इस वक्त रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी हमलों ने बिजली सप्लाई व्यवस्था को पंगु बना दिया है। हालांकि, ईरान ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इन हमलों में बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) को निशाना बनाया गया है या फिर ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा है।
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डोनाल्ड ट्रंप ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को उड़ाने की दी थी धमकी
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद को लेकर ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को उड़ाने की सीधी धमकी दी थी। इसी तनाव के बीच, ओमान की खाड़ी से एक और बड़ी खबर आई। ईरान के बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) पर स्थित एक सर्विलांस टावर के गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खुद शेयर किया वीडियो
दावा किया जा रहा है कि यह टावर अमेरिकी हमले के बाद ताश के पत्तों की तरह ढह गया और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। इस फुटेज को उस वक्त और हवा मिली जब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर साझा की। हालांकि, ईरानी प्रशासन ने अभी तक टावर गिरने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चाबहार बंदरगाह भारत की मदद से तैयार किया गया है, जो बिना पाकिस्तान गए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापार का एक बड़ा जरिया है। ऐसे में इस इलाके में बढ़ता तनाव भारत के रणनीतिक हितों के लिहाज से भी चिंताजनक है।
