आम कैसे खाएं (Aam kaise khaye): गर्मियों का मौसम आते ही आम की खुशबू और स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच ही लेता है। लेकिन कई लोग आम पसंद होने के बावजूद इसे खाने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि आम खाने से मुहांसे निकल आते हैं, वजन बढ़ जाता है या शुगर लेवल बढ़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार आम पोषक तत्वों से भरपूर फल है, लेकिन इसे सही तरीके से खाना जरूरी होता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भावसार के अनुसार कुछ आसान आदतें अपनाकर आम को बिना डर के खाया जा सकता है। सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन का ध्यान रखा जाए तो आम शरीर को एनर्जी देने के साथ पाचन को भी सपोर्ट करता है। चलिए जानते हैं एक्सपर्ट के अनुसार क्या है आम खाने का तरीका (Aam Khane ka tarika)।
आम खाने का सही तरीका - Aam Khane ka sahi tarika
भिगोकर खाने से कम हो सकती है गर्म तासीर
आयुर्वेद में आम की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इसे खाने से पहले 2-3 घंटे पानी में भिगोकर रखना बेहतर माना जाता है। ऐसा करने से आम में मौजूद कुछ ऐसे तत्व कम हो जाते हैं जो शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर दीक्षा भावसार बताती हैं कि भिगोया हुआ आम खाने से स्किन से जुड़ी परेशानियां, सिरदर्द या पेट से जुड़ी दिक्कतों का खतरा कम हो सकता है और शरीर को पोषक तत्व सही तरीके से मिलते हैं।
सही समय पर खाएं आम
कई लोग खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद आम खा लेते हैं, जिससे पाचन प्रभावित हो सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार आम को भारी भोजन के साथ मिलाकर खाने से पेट में फर्मेंटेशन की समस्या हो सकती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग या स्किन पर असर दिखाई दे सकता है। बेहतर है कि आम को खाने से लगभग 1 घंटा पहले या खाने के 2 घंटे बाद खाया जाए, ताकि पाचन सही बना रहे।
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सब्जा के बीज के साथ बैलेंस रहता है शरीर
आम के साथ थोड़ी मात्रा में भीगे हुए सब्जा के बीज लेना भी फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार सब्जा की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर में बढ़ती गर्मी को संतुलित करने में मदद कर सकती है। डॉक्टर दीक्षा भावसार के अनुसार यह तरीका पित्त दोष को बढ़ने से रोक सकता है और इससे मुहांसे या एसिडिटी जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
शुगर और वजन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं
अगर आप वजन या शुगर को लेकर सावधान रहते हैं, तो भी आम पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। सही मात्रा में आम खाने से शरीर को विटामिन, फाइबर और एनर्जी मिलती है। एक्सपर्ट के अनुसार आधा कप या एक छोटा आम पर्याप्त होता है। आम को दिन के समय खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है और इसके साथ भीगे हुए बादाम जैसे हेल्दी फैट लेने से शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा कम हो सकता है।
जूस नहीं पूरा आम खाना ज्यादा बेहतर
अक्सर लोग आम का जूस या आमरस पीना पसंद करते हैं, लेकिन इसमें फाइबर कम हो जाता है। फाइबर कम होने से शुगर तेजी से बढ़ सकती है और पेट भी जल्दी खाली महसूस हो सकता है। पूरा आम खाने से फाइबर मिलता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
अगर आप आम खाने के शौकीन हैं तो इन आसान आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाकर बिना डर के आम का आनंद ले सकते हैं। सही तरीके से खाया गया आम न केवल स्वाद देता है बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देता है, जिससे आप गर्मियों में हेल्दी और एक्टिव महसूस कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
