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Kal Ka Mausam: 24 घंटे में वापसी करेगा मॉनसून, 20 राज्यों में बारिश होगी झूम-झूम; मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट

कल का मौसम कैसा रहेगा (18 जुलाई 2026): मॉनसून के बेरुख रवैये से उत्तर भारत के राज्य फिर से गर्मी और उमस का सितम झेल रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में बारिश की संभावना व्यक्त की है। पहाड़ों पर आज से मौसमी गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। उधर, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी है, जिससे नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा है।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : देशभर के कई हिस्सों पर मॉनसून के तेवर तेज हैं तो कई हिस्सों पर सुस्ती नजर आ रही है। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर भारत में अनुमान से बेहद कम बारिश हो रही है। पिछले कई दिनों से बादलों की आवाजाही तो है, लेकिन पानी बरसने का इंतजार ही रहा। मौसमी गतिविधियां थमने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे एक बार फिर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि, शनिवार और रविवार को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों पर तेज आंधी के साथ बादल बरसते नजर आ सकते हैं, जिससे एक बार फिर मौसम सुहावना हो सकता है। उधर, पहाड़ों पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ घंटे में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने, लैंडस्लाइड और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत हैं। स्काईमेट ने पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी कर रखी है, जबकि दक्षिण भारतीय राज्य भीगते नजर आएंगे।

यूपी में कैसा रहेगा कल का मौसम

उत्तर प्रदेश एक बार फिर से गर्मी का सितम झेल रहा है। अधिकांश राज्यों में बादलों की आवाजाही तो है, लेकिन बारिश गायब है। हालांकि, अगले कुछ घंटे में राहत की बूंदे गिर सकती हैं। आईएमडी ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 30 जिलों में बादलों की गरज-चमक के साथ बारिश से मौसम बदल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। खासकर, वाराणसी से आगे मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के आसपास हल्की बारिश हो सकती है। कमोबेश ऐसा ही मौसम मध्य यूपी में देखा जा सकता है।

राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान में इस पूरे सप्ताह मॉनसून का रुख बेहद नर्म रहा है। आईएमडी के मुताबिक, हफ्ते भर तक कमजोर रहे मानसून के अगले सप्ताह जोर पकड़ने की उम्मीद है। राजस्थान के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून की परिस्थितियां अगले दो-तीन जारी रहने की संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में 21 जुलाई से बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह 22-23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान राज्य के पूर्वी भाग में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई, जबकि पश्चिम राजस्थान में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान सर्वाधिक अधिकतम तापमान चुरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम कैसा रहेगा

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से मॉनसून के तेवर ठंडे हैं, जिसके बाद धूप और गर्मी के साथ उमस ने कब्जा जमा लिया है। आईएमडी के मुताबिक, 17 जुलाई को भी भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आईएमडी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। दिनभर बादल आसमान से ढके नजर आए, लेकिन बारिश के इंतजार में शाम ढल गई। इन सबसे के बीच राहत की बात यह है कि 18 जुलाई से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, वीकेंड पर गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली कमी आने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम

बिहार में मौसम अलग-अलग रंग दिख रहे हैं। आईएमडी की मानें तो कुछ जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन कुछ भागों पर मौसम शुष्क बना हुआ है। खासकर, गोपालगंज, भागलपुर, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, सिवान और सारण जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश की बात कही जा रही है, लेकिन पटना, गया समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही से सिवा पानी बरसने का इंतजार है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटे में मौसमी गतिविधियां तेज होने का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा

हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में 19 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई है। 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर भी चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा कि नदियों और अन्य जलस्रोतों में जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। उधर, उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय रहने से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। पश्चिमी घाट के साथ सभी राज्यों में मौसमी गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन तमिलनाडु में कम बारिश होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे गर्मी और उमस बढ़ी है। हालांकि, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह समेत मेघालय में बारिश का दौर जारी है। उधर, पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। स्काईमेट ने असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा, नागालैंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी रखा है। उधर, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में भी बारिश का पूर्वानुमान जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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