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Fire Safety Tips : जब बिल्डिंग में लग जाए आग तो याद रखें ये 10 गोल्डन रूल्स, सुरक्षित निकलने में बनेंगे आपकी ढाल

बिल्डिंग में आग लगने पर खुद को बाहर निकलाते समय लोग अक्सर कुछ गलतियां कर देते हैं। आज हम आपको फायर सेफ्टी के 10 गोल्डन रूल्स के बारे में बताने जा रहे हैं। जो आपके लिए लाइफ सेविंग होंगे।

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फायर सेफ्टी के 10 नियम

Fire Safety Tips : बीते रोज लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आग केवल संपत्ति को ही नहीं, बल्कि कुछ ही मिनटों में कई जिंदगियों को भी खतरे में डाल सकती है। ऊंची इमारतों, अस्पतालों, मॉल, कार्यालयों और रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इसमें सबसे दुखद बात यह है कि इनमें से कई हादसों में जान-माल का नुकसान केवल इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि लोगों को सही समय पर सही कदम उठाने की जानकारी नहीं होती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आग लगने के बाद के 3 से 5 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान सही फैसले लिए जाएं तो अग्निकांड के बड़े से बड़े हादसे में भी जान जाने की संभावना को टाला जा सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति को फायर सेफ्टी के कुछ बुनियादी नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं फायर सेफ्टी के 10 गोल्डन रूल्स (Fire Safety Awareness) जो किसी भी आपात स्थिति में आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकते हैं।

1. पैनिक न करें, कंडीशन को समझें

आग लगने पर आपका सबसे पहला और खतरनाक दुश्मन आपकी घबराहट है। पैनिक करने से सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो जाती है। इस समय आप शांत रहें, गहरी सांस लें, स्थिति को भांपें और सुरक्षित बाहर निकलने की दिशा में कदम बढ़ाएं। क्योंकि एक शांत दिमाग ही सबसे बेहतरीन लीडर बनता है।

2. साइलेंट न रहें, फायर अलार्म बजाएं

आग लगने पर कुछ लोग सोचते हैं कि 'आग छोटी है, मैं खुद बुझा लूंगा'। यदि आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो यह ओवरकॉन्फिडेंस जानलेवा हो सकता है। जैसे ही चिंगारी या धुआं दिखे, बिना एक सेकंड गंवाए फायर अलार्म को एक्टिवेट करें या जोर से चिल्लाकर दूसरों को अलर्ट करें। याद रखें आपकी एक आवाज कई जानें बचा सकती है।

3. भूलकर भी न करें लिफ्ट का इस्तेमाल

यदि आप मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहते हैं? तो याद रखिए कि आग लगने पर लिफ्ट मौत का कारण बन सकती है। इस दौरान पावर कट होने पर आप बीच में फंस सकते हैं और लिफ्ट का शाफ्ट धुएं से भर सकता है। ऐसी स्थिति में आपको हमेशा और सिर्फ आपातकालीन सीढ़ियों (Emergency Exit) का ही इस्तेमाल करें।

4. धुएं से जीतें जंग

आग लगने के ज्यादातर मामलों में मौतें आग लपटों से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं और दम घुटने से होती हैं। क्योंकि धुआं हमेशा ऊपर की तरफ उठता है, इसलिए जमीन के पास की हवा अपेक्षाकृत साफ होती है। यदि कमरा धुएं से भर जाए, तो घुटनों के बल बैठकर या रेंगते हुए बाहर निकलने की कोशिश करें।

5. टच टेस्ट जरूर करें

किसी बंद कमरे से बाहर भागने की जल्दबाजी न करें। आग लगने पर दरवाजा खोलने से पहले उसके हैंडल या ऊपरी हिस्से को अपने हाथ के पिछले हिस्से से छूकर देखें। अगर वह गर्म है, तो इसका साफ मतलब है कि बाहर आग का तांडव है। ऐसी स्थिति में दरवाजा कतई न खोलें, बल्कि खिड़की के पास जाकर मदद मांगने की कोशिश करें।

फायर सेफ्टी के 10 गोल्डन रूल्स

फायर सेफ्टी के 10 गोल्डन रूल्स

6. कपड़ों में आग लगने पर क्या करें

आग लगने पर यदि आप आग की चपेट में आ जाएं और आग आपके कपड़ों को पकड़ ले, तो भागने की गलती बिल्कुल न करें। क्योंकि ऐसी स्थिति में हवा मिलने से आग और भड़क जाएगी। इस कंडीशन में तुरंत इस 3-स्टेप फॉर्मूले पर अमल करें। सबसे पहले उसी जगह पर रुक जाएं। इसके बाद जमीन पर लेट जाएं और चेहरे को हाथों से ढक लें। अब जमीन पर गोल-गोल घूमें (लुढ़कें) जब तक कि आग बुझ न जाए।

7. PASS तकनीक से बनें फायर फाइटर

हर बिल्डिंग में मौजूद 'फायर एक्सटिंग्विशर' (अग्निशामक यंत्र) चलाना रॉकेट साइंस नहीं है। इसके लिए बस PASS फॉर्मूला याद रखें।

  • P (Pull): सेफ्टी पिन को खींचकर निकालें।
  • A (Aim): नोजल का रुख आग की लपटों पर नहीं, बल्कि उसके आधार की तरफ करें।
  • S (Squeeze): लीवर/हैंडल को मजबूती से दबाएं।
  • S (Sweep): झाड़ू लगाने की तरह बाएं से दाएं स्प्रे करें।

8. आपातकालीन रास्तों को ध्यान रखें

आप किसी मॉल, होटल, ऑफिस या नए अपार्टमेंट में जाएं, तो वहां एंट्री करते ही Emergency Exit के साइनेज (Signage) पर नजर जरूर डालें। हादसे के वक्त अमूमन लोग मुख्य द्वार की तरफ भागते हैं जिससे भगदड़ मचती है। इसकी जगह वैकल्पिक रास्तों की जानकारी आपको सुरक्षित और जल्दी बाहर निकाल सकती है।

9. बच्चों और बुजुर्गों की मदद पहले करें

संकट के समय सबसे ज्यादा मदद की जरूरत बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को होती है। अपने परिवार या टीम में पहले से यह 'ड्यूटी' तय रखें कि आपात स्थिति में इन खास सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी किसकी होगी। इसके अलावा अपने घर के बच्चों को इमरजेंसी नंबर्स ज़ुबानी याद करवाएं।

10. फायर मॉक ड्रिल को बनाएं रूटीन

याद रखें कि फायर सेफ्टी कोई एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल है। इसके लिए अपने घरों और दफ्तरों के स्मोक डिटेक्टर्स को नियमित चेक करें। अग्निशामक यंत्रों की एक्सपायरी डेट देखते रहें। साल में कम से कम एक बार परिवार या स्टाफ के साथ फायक मॉक ड्रिल (Mock Drill) जरूर करें ताकि एन वक्त पर सबको अपनी भूमिका पता हो।

लखनऊ जैसे हादसे केवल समाचार नहीं होते, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी होते हैं। हर बड़ी दुर्घटना यह याद दिलाती है कि सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। याद रखें कि आग कभी भी और कहीं भी लग सकती है, लेकिन उससे होने वाले नुकसान को कम करना हमारे हाथ में है। फायर सेफ्टी के ये 10 गोल्डन रूल्स केवल सलाह नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाले सिद्धांत हैं। इन्हें अपनाकर आप न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवार, सहकर्मियों और समाज की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके अलावा सबसे जरूरी है कि आग से डरें नहीं, बल्कि सही जानकारी से इसे मात दें। आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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