एजुकेशन

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ रहने वाले Interpreter कैसे बनते हैं? जानें क्या है इसमें नौकरी की संभावनाएं

How to Become an Interpreter: प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास किसी वार्ता के दौरान खड़े नजर आने वाले इंटरप्रेटर कैसे बनते हैं। आइए जानते हैं इंटरप्रेटर बनने के लिए क्या पढ़ाई करनी होती है।

Image

Interpreter कैसे बनते हैं (Photo - AI/Newsroom Verified)

How to Become an Interpreter: जब देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भाषण देते हैं, विदेशी दौरे पर जाते हैं या किसी राष्ट्राध्यक्ष की मेजबानी करते हैं, तो उनके ठीक पीछे एक व्यक्ति एकाग्रता के साथ खड़ा नजर आता है, जो लगातार उनसे बात करता रहता है। इस दौरान आपने कभी सोचा की यह व्यक्ति कौन है, प्रधानमंत्री/राष्ट्रपति से वह लगातार क्या कह रहा है। तो आपको बता दें उनके पीछे खड़ा रहने वाला एक 'डिप्लोमैटिक इंटरप्रेटर' (Diplomatic Interpreter) होता है।

एक डिप्लोमैटिक इंटरप्रेटर का काम वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) में भाषा की दीवार को खत्म कर शीर्ष नेताओं के बीच बिना किसी रुकावट के सटीक और गोपनीय संवाद कायम करना बेहद जिम्मेदारी भरा होता है। इंटरप्रेटर न केवल एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करते हैं, बल्कि शब्दों के पीछे छिपी सांस्कृतिक बारीकियों, भावना और कूटनीतिक शिष्टाचार (Etiquette) का भी पूरा ध्यान रखते हैं। आइए जानते हैं कि इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने की राह क्या है और इसमें करियर की क्या संभावनाएं हैं।

Interpreter सामान्य अनुवाद से कैसे अलग है?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि एक इंटरप्रेटर क्या होता है और यह किस तरह से एक ट्रांसलेशन यानी अनुवाद से अलग है। बता दें कि एक इंटरप्रेटर का कार्य केवल शब्दों का शाब्दिक अनुवाद करना नहीं होता। उन्हें बातचीत के दौरान दो मुख्य शैलियों में काम करना पड़ता है, जो इस प्रकार है -

कन्सिक्यूटिव इंटरप्रिटेशन

इसमें वक्ता कुछ वाक्य बोलकर रुकता है, और इंटरप्रेटर तुरंत उसका दूसरी भाषा में अनुवाद करता है। द्विपक्षीय (Bilateral) बैठकों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और व्यक्तिगत मुलाकातों में यही तरीका अपनाया जाता है।

सिमुलटेनियस इंटरप्रिटेशन

इसमें वक्ता के बोलते रहने के साथ-साथ इंटरप्रेटर साउंडप्रूफ बूथ में बैठकर हेडफोन और माइक के जरिए रियल-टाइम में अनुवाद करता है। इसका उपयोग संयुक्त राष्ट्र (UN), जी-20 (G20) या ब्रिक्स (BRICS) जैसे बहुपक्षीय सम्मेलनों में होता है।

बता दे कि यह केवल शाब्दिक ट्रांसलेशन नहीं करते है, इनके द्वारा बात की सांस्कृतिक बारीकियों, भावना आदि को दर्शाया जाता है।

इंटरप्रेटर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यताएं

- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी प्रमुख विदेशी भाषा जैसे चीनी/मंदारिन, जापानी, रूसी, फ्रेंच, स्पेनिश, अरबी, जर्मन आदि में BA या MA की डिग्री होना अनिवार्य है।

- भाषा में उच्च स्तरीय दक्षता और अनुवाद/इंटरप्रिटेशन में एडवांस्ड डिप्लोमा या स्पेशल ट्रेनिंग।

- भारत में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU), और इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेस यूनिवर्सिटी (EFLU, हैदराबाद) जैसे संस्थान विदेशी भाषाओं की पढ़ाई के लिए प्रमुख माने जाते हैं।

विदेश मंत्रालय में चयन प्रक्रिया

भारत में अति-विशिष्ट व्यक्तियों (VIPs) के लिए इंटरप्रेटर्स की नियुक्ति मुख्य रूप से विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA) द्वारा की जाती है।

डायरेक्ट रिक्रूटमेंट/UPSC - विदेश मंत्रालय समय-समय पर भाषा विशेषज्ञों के लिए विज्ञापन जारी करता है या UPSC के माध्यम से विशेष पदों पर भर्ती करता है।

कठिन दक्षता परीक्षा - अभ्यर्थियों को भाषा प्रवाह, शुद्ध उच्चारण, सुनने की क्षमता और रियल-टाइम अनुवाद की गति पर परखा जाता है।

सुरक्षा क्लीयरेंस - चूंकि कूटनीतिक इंटरप्रेटर देश की अति-संवेदनशील और गोपनीय वार्ताओं का हिस्सा होते हैं, इसलिए उनका टॉप-सीक्रेट बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और पुलिस क्लीयरेंस होना अनिवार्य होता है।

एक सफल इंटरप्रेटर के लिए आवश्यक 4 मुख्य कौशल

त्वरित निर्णयवक्ता के बोलते ही बिना किसी हिचकिचाहट के 1-2 सेकंड के भीतर सटीक अनुवाद करना।
गोपनीयताशीर्ष नेताओं के बीच हुई गुप्त या कूटनीतिक बातचीत को सार्वजनिक न करने का नैतिक और कानूनी दायित्व।
सांस्कृतिक समझमुहावरों, कहावतों और टोन को सही तरीके से समझना ताकि कोई गलतफहमी न पैदा हो।
तनाव प्रबंधनलाइव कैमरों, मीडिया और वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी में बिना घबराए काम करना।

करियर और नौकरी की संभावनाएं

Interpreter कैसे बनते हैं

Interpreter कैसे बनते हैं (Photo - AI/Newsroom Verified)

सरकारी व कूटनीतिक मिशन - भारत के विदेश मंत्रालय (MEA), रक्षा मंत्रालय, कैबिनेट सचिवालय और दूतावासों में स्थायी व अनुबंध आधारित उच्च स्तरीय पद।

अंतरराष्ट्रीय संगठन - संयुक्त राष्ट्र (UN), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), विश्व बैंक और यूरोपीय संघ जैसे वैश्विक मंचों पर शानदार पैकेज के साथ करियर।

कार्पोरेट व फ्रीलांसिंग - अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस समिट्स, ग्लोबल टेक कंपनियां और वीआईपी इवेंट्स में फ्रीलांस इंटरप्रेटर्स को भारी प्रति-घंटा (Hourly Rate) फीस दी जाती है।

बता दें कि एक इंटरप्रेटर के प्रोफेशन में न केवल आकर्षक वेतन मिलता है, बल्कि दुनिया भर की यात्रा करने, शीर्ष नेताओं से मिलने और वीआईपी सुविधाएं प्राप्त करने का अद्वितीय मौका भी मिलता है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article