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Divyanka Tripathi C-Section: कितनी मुश्किल हेाती है सी सेक्शन डिलीवरी से रिकवरी, दिव्यांका त्रिपाठी के केस से समझें

Divyanka Tripathi C-Section Story: हाल ही में टीवी की मशहूर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद अपने सी-सेक्शन डिलीवरी से रिकवरी का दर्द शेयर किया। आइए समझते हैं सी-सेक्शन डिलीवरी कितनी कठिन होती है, कैसे इसमें उठना-बैठना और रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो जाते हैं।

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आज जानिए कितनी मुश्किल होती है सी-सेक्शन या ऑपरेशन से डिलीवरी

Divyanka Tripathi C-Section Story: बच्चे का जन्म किसी भी महिला की जिंदगी का सबसे खास पल होता है। परिवार में खुशियां आती हैं और हर कोई नए मेहमान का स्वागत करने में जुट जाता है। लेकिन इस खुशी के पीछे मां को कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से भी गुजरना पड़ता है। खासकर तब, जब डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई हो।

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने हाल ही में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद अपने रिकवरी के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद उन्हें इतना दर्द महसूस होता था कि एक बार खांसने पर ऐसा लगा जैसे पेट के अंदर कुछ जोर से फट गया हो। उनका अनुभव यह समझाने के लिए काफी है कि सी-सेक्शन (C-Section Delivery) के बाद शरीर को संभलने में समय लगता है और यह सफर हर महिला के लिए आसान नहीं होता।

खांसी और छींक भी बन सकती है परेशानी

दिव्यांका ने बताया कि डिलीवरी के बाद जब उन्हें खांसी आई तो दर्द बहुत ज्यादा महसूस हुआ। दरअसल, सी-सेक्शन में पेट पर चीरा लगाया जाता है। ऐसे में कुछ दिनों तक शरीर के उस हिस्से में संवेदनशीलता बनी रहती है। यही वजह है कि खांसना, छींकना या जोर से हंसना भी दर्द बढ़ा सकता है। कई महिलाएं इस दौरान पेट को हाथ से पकड़कर खांसती हैं ताकि दर्द थोड़ा कम महसूस हो।

जुड़वा बच्चों की डिलीवरी के बाद बढ़ सकती हैं चुनौतियां

दिव्यांका ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। ऐसी स्थिति में गर्भावस्था के दौरान शरीर पर सामान्य से ज्यादा दबाव पड़ता है। पेट ज्यादा फैलता है और शरीर को ज्यादा बदलावों से गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि डिलीवरी के बाद शरीर को सामान्य होने में भी थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। थकान, कमजोरी और शरीर में भारीपन जैसी समस्याएं कुछ समय तक बनी रह सकती हैं।

उठना-बैठना भी लग सकता है मुश्किल काम

सी-सेक्शन के बाद शुरुआती दिनों में बिस्तर से उठना, करवट बदलना या धीरे-धीरे चलना भी आसान नहीं होता। कई महिलाओं को लगता है कि वे पहले जैसे सामान्य काम तुरंत कर पाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं होता। शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरफ से ठीक होने का समय चाहिए। इसलिए डॉक्टर भी जल्दबाजी न करने और आराम करने की सलाह देते हैं।

शरीर को ठीक होने के लिए चाहिए समय

डिलीवरी के बाद सिर्फ बाहरी घाव ही नहीं भरता, बल्कि शरीर के अंदर भी कई बदलाव वापस सामान्य होते हैं। यही वजह है कि कुछ महिलाओं को कई हफ्तों तक थकान महसूस हो सकती है। इस दौरान अच्छी नींद, पौष्टिक खाना और परिवार का सहयोग बहुत जरूरी होता है। जितना बेहतर आराम मिलेगा, शरीर उतनी ही तेजी से संभल पाएगा।

खुद पर दबाव न डालें

नई मां बनने के बाद कई महिलाएं जल्दी-जल्दी घर के काम या दूसरी जिम्मेदारियां संभालने लगती हैं। लेकिन सी-सेक्शन के बाद ऐसा करना सही नहीं है। दिव्यांका का अनुभव भी यही बताता है कि रिकवरी कोई दौड़ नहीं है। हर महिला का शरीर अलग होता है और ठीक होने का समय भी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए खुद की सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।

ध्यान देने वाली बात

मां बनने की खुशी अपनी जगह है, लेकिन रिकवरी का यह सफर भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए नई मां को आराम, सही खानपान और परिवार का पूरा सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वह स्वस्थ होकर अपने बच्चे की देखभाल कर सके।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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