Thai Princess Bajrakitiyabha Coma And Death Reason: थाईलैंड की राजकुमारी बजरकितियाभा का निधन सिर्फ एक शाही परिवार की दुखद खबर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बीमारी की कहानी भी है जिसके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2022 में राजकुमारी अपने कुत्ते के साथ एक्सरसाइज कर रही हैं, तभी वह अचानक बेहोश हो गई थीं। लेकिन इसके बाद वह कभी सामान्य जिंदगी में वापस नहीं लौट सकीं और करीब 3 साल तक कोमा में रहीं।
बाद में डॉक्टर्स ने यह साफ किया है कि उनकी उनकी परेशानी की शुरुआत एक संक्रमण से हुई थी, जिसे मायकोप्लाज्मा इंफेक्शन (Mycoplasma infection) कहा जाता है। आमतौर पर यह संक्रमण फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन राजकुमारी के मामले में इसका असर दिल पर पड़ा और उनकी धड़कनें बेकाबू हो गईं, उसके बाद वह कोमा में चली गईं। आइए जानते हैं कि आखिर यह बीमारी क्या है और कैसे एक संक्रमण ने इतनी बड़ी समस्या पैदा कर दी।
कौन थीं राजकुमारी बजरकितियाभा
बता दें कि राजकुमारी बजरकितियाभा थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी बेटी थीं। वह शाही परिवार की सबसे सम्मानित सदस्यों में गिनी जाती थीं। कानून की पढ़ाई करने के साथ-साथ वह सामाजिक और मानवाधिकार से जुड़े कामों में भी सक्रिय थीं। उनके अचानक बीमार होने की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
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क्या होता है मायकोप्लाज्मा इंफेक्शन
डॉक्टर बताते हैं कि मायकोप्लाज्मा एक तरह का बैक्टीरिया है जो शरीर में संक्रमण पैदा कर सकता है। ज्यादातर मामलों में यह फेफड़ों और सांस की नली को प्रभावित करता है। इसके कारण बुखार, खांसी, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। आमतौर पर लोग इलाज से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच सकता है।

क्या होता है मायकोप्लाज्मा इंफेक्शन
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कैसे बिगड़ी दिल की धड़कन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संक्रमण का असर राजकुमारी के दिल पर पड़ा। इससे उनके दिल की धड़कनें सामान्य तरीके से काम नहीं कर पा रही थीं। आसान शब्दों में कहें तो दिल कभी बहुत तेज, कभी बहुत धीमा या अनियमित तरीके से धड़कने लगा। जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर और दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यही स्थिति आगे चलकर बेहद खतरनाक साबित हुई।
आखिर कोमा में क्यों चली गई थीं
जब दिमाग को लंबे समय तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो व्यक्ति बेहोश हो सकता है। गंभीर स्थिति में वह कोमा में भी जा सकता है। राजकुमारी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। दिसंबर 2022 में वह अचानक बेहोश हुईं और फिर कभी पूरी तरह होश में नहीं आ सकीं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही।
बाद में और बढ़ गईं मुश्किलें
रिपोर्ट्स की मानें तो लंबे समय तक गंभीर हालत में रहने की वजह से राजकुमारी को कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगीं। शरीर कमजोर होता गया और कई अंगों पर असर पड़ने लगा। लगातार इलाज और मेडिकल सपोर्ट के बावजूद उनकी सेहत में वह सुधार नहीं आ पाया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

डॉक्टर क्या कहते हैं
डॉक्टर क्या कहते हैं
अमृता अस्पताल फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा के मुताबिक, कुछ संक्रमण ऐसे होते हैं जो सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से दिल को प्रभावित कर सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को संक्रमण के बाद अचानक चक्कर आएं, बेहोशी महसूस हो, सांस फूलने लगे या दिल की धड़कन असामान्य लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
गांठ बांध लें ये बात
थाईलैंड की राजकुमारी बजरकितियाभा बताती है कि कभी-कभी मामूली दिखने वाली बीमारी भी गंभीर रूप ले सकती है। हर संक्रमण सिर्फ बुखार या खांसी तक सीमित नहीं होता। कुछ मामलों में इसका असर दिल और दिमाग जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसलिए शरीर में दिखने वाले असामान्य लक्षणों को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।
