सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने एक वीडियो में खुद बताया कि वह हर रात अपनी नाभि में नीम और सरसों का तेल लगाते हैं। उनका मानना है कि इससे उन्हें फायदा मिलता है। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस घरेलू नुस्खे की खूब चर्चा होने लगी। हालांकि बहुत से लोग सोचते हैं कि क्या सचमुच नाभि में तेल लगाने से पूरे शरीर को फायदा पहुंचता है? डॉक्टरों की राय इस पर क्या कहती है?
भारत के कई घरों में नाभि में तेल लगाने की परंपरा रही है। आयुर्वेद में भी इसका जिक्र मिलता है। माना जाता है कि इससे शरीर को पोषण मिलता है। कई लोग इसे त्वचा, पाचन और शरीर की ऊर्जा से भी जोड़ते हैं। हालांकि आधुनिक चिकित्सा इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती।
क्या कहती है मेडिकल साइंस?
मुंबई के KIMS हॉस्पिटल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता नखावा के मुताबिक, नाभि के आसपास की त्वचा शरीर के बाकी हिस्सों की तरह ही काम करती है। ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नाभि पूरे शरीर तक दवा या पोषक तत्व पहुंचाने का खास रास्ता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि नाभि में तेल लगाने से पाचन सुधर जाएगा, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी या हार्मोनल बैलेंस हो जाएंगे।
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फिर लोग इसे फायदेमंद क्यों मानते हैं?
इसका एक कारण तेल के अपने गुण हो सकते हैं। नीम के तेल में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यानी यह त्वचा पर मौजूद कुछ बैक्टीरिया और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं सरसों का तेल त्वचा को नमी देता है। अगर नाभि के आसपास की त्वचा रूखी है, तो इससे आराम मिल सकता है। लेकिन इसका असर केवल उसी हिस्से तक सीमित रहता है, पूरे शरीर पर नहीं।
क्या इसमें कोई खतरा भी है?
हां। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो नीम या सरसों का तेल एलर्जी, लालपन या खुजली पैदा कर सकता है। नाभि की ठीक से सफाई न करने पर वहां तेल, पसीना और गंदगी जमा हो सकती है। इससे बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अगर तेल लगाने के बाद खुजली, दर्द या बदबू जैसी समस्या हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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क्या यह आदत अपनानी चाहिए?
अगर आपको यह तरीका अच्छा लगता है और इससे किसी तरह की परेशानी नहीं होती, तो इसे एक निजी देखभाल की आदत के रूप में अपनाया जा सकता है। लेकिन इसे इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। अच्छी सेहत के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और साफ-सफाई आज भी सबसे भरोसेमंद उपाय हैं। इनके मुकाबले नाभि में तेल लगाने के फायदों के पक्ष में अभी मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं।
यानी दिलजीत दोसांझ की यह आदत उनकी निजी पसंद हो सकती है। इससे नाभि के आसपास की त्वचा को कुछ फायदा भी मिल सकता है। अगर कोई यह सोचकर इसे अपनाता है कि इससे पूरे शरीर की सेहत बदल जाएगी, तो फिलहाल विज्ञान ऐसे दावों का समर्थन नहीं करता।
