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शुद्ध सोने के मोदक! बप्पा के लिए तैयार हुआ 27 हजार रुपये किलो का भोग, जानें कैसे बनी ये 'गोल्डन मिठाई'

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी के मौके पर नासिक का गोल्डन मोदक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुनहरी चमक और खास सामग्री से तैयार इस प्रीमियम मोदक की कीमत 27 हजार रुपये किलो है, जिसे भक्त अनोखे भोग के तौर पर पसंद कर रहे हैं।

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भगवान गणेश को लगाएं गोल्डन मोदक का भोग!

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही बाजारों में बप्पा के प्रिय मोदक की खुशबू और रंगत दिखाई देने लगती है। इस बार महाराष्ट्र के नासिक में तैयार किए गए एक खास मोदक ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इसका शाही अंदाज और कीमत इसकी खास वजग है। यहां 27 हजार रुपये प्रति किलो की कीमत वाले ‘गोल्डन मोदक’ चर्चा में हैं। सुनहरी चमक वाले ये मोदक (Golden Modak) गणेश उत्सव के दौरान भक्तों और मिठाई के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

शाही अंदाज वाले मोदक

नासिक के इन खास मोदकों की सबसे बड़ी खासियत इनका गोल्डन लुक है। इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि देखने पर इनकी सतह पर सोने जैसी चमक नजर आती है। यही शाही अंदाज इन्हें सामान्य मोदकों से अलग बनाता है और गणेश चतुर्थी के बाजार में खास पहचान देता है। हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि 27 हजार रुपये किलो की कीमत का मतलब यह नहीं है कि पूरा मोदक शुद्ध सोने से बना है। इसकी सुनहरी फिनिश और प्रीमियम प्रस्तुति ही इसे ‘गोल्डन मिठाई’ का खास रूप देती है।

कितनी है कीमत

इन गोल्डन मोदकों की कीमत करीब 27,000 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। सामान्य मोदकों की तुलना में यह कीमत काफी ज्यादा है। यही वजह है कि इनकी चर्चा सिर्फ मिठाई के स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके प्रीमियम लुक और अनोखी प्रस्तुति ने भी लोगों की उत्सुकता बढ़ाई है।

बप्पा को खास भोग

गणेश चतुर्थी पर मोदक का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मोदक भगवान गणेश को प्रिय है और गणेश पूजा में इसका भोग लगाने की परंपरा रही है। ऐसे में भक्तों के लिए गोल्डन मोदक इस बार बप्पा को कुछ अलग और खास अर्पित करने का विकल्प बनकर सामने आया है।

पारंपरिक मिठाई का मॉडर्न अंदाज

मोदक का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व सदियों पुराना है, लेकिन समय के साथ इसकी प्रस्तुति में लगातार बदलाव आया है। आज बाजार में चॉकलेट, ड्राई फ्रूट, मावा, केसर और कई दूसरे फ्लेवर के मोदक मिलते हैं। गोल्डन मोदक इसी बदलती मिठाई संस्कृति का एक नया उदाहरण माना जा सकता है, जहां पारंपरिक मिठाई को प्रीमियम और आकर्षक अंदाज दिया गया है।

क्यों छाया गोल्डन मोदक?

गणेश चतुर्थी के दौरान भक्त बप्पा के लिए खास से खास चीज तैयार करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जब कोई मिठाई अपने स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी बेहद आकर्षक हो, तो वह लोगों का ध्यान खींचना तय है। गोल्डन मोदक की चमक, प्रीमियम अंदाज और 27 हजार रुपये किलो की कीमत ने इसे इस गणेश उत्सव की चर्चित मिठाइयों में शामिल कर दिया है।

नासिक का यह गोल्डन मोदक दिखाता है कि कैसे पारंपरिक त्योहारों से जुड़ी मिठाइयां भी समय के साथ नए और लग्जरी अंदाज में लोगों के सामने आ रही हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर बप्पा के भोग के लिए तैयार यह खास मिठाई निश्चित तौर पर त्योहार के बाजार में अलग आकर्षण पैदा कर रही है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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