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दूसरी बार मम्मी बनेंगी Deepika Padukone, जानें दो बच्चों के बीच में सही एज गैप क्या होता है

हाल ही में दीपिका पादुकोण ने अपनी दूसरी प्रेगनेंसी की खबर शेयर की है। 1 साल 7 महीने की बेटी के बाद अब दीपवीर के घर न्यू बेबी आएगा। यहां पढ़ें दो बच्चों के बीच कितना अंतर होना चाहिए।

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Deepika Padukone Pregnant

बॉलीवुड एक्ट्रेस Deepika Padukone और एक्टर Ranveer Singh के घर एक बार फिर नन्ही किलकारियां गूंजने वाली हैं। दीपवीर अक्सर ही अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी खबरें सुर्खियों में रहते हैं। अब उनकी दूसरी प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बता दें कि, दीपवीर प्यारी सी बिटिया के पेरेंट्स भी हैं, जिनकी उम्र अभी 1 साल 7 महीने है। दुआ के बाद अब दीपिका की दूसरी प्रेगनेंसी की न्यूज से एक अहम सवाल फिर चर्चा में आ गया है.. आखिर दो बच्चों के बीच सही एज गैप कितना होना चाहिए?

यह सवाल सिर्फ सेलेब्स तक सीमित नहीं है, बल्कि हर माता-पिता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। सही समय पर दूसरा बच्चा प्लान करना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए जरूरी माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, बहुत कम या बहुत ज्यादा अंतर दोनों ही स्थिति में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि बच्चों के बीच आदर्श अंतर कितना होना चाहिए और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं। आइए इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

क्या है बच्चों के बीच सही एज गैप?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दो बच्चों के बीच कम से कम 2 से 3 साल का अंतर रखना बेहतर माना जाता है। यह समय मां के शरीर को पूरी तरह रिकवर होने का मौका देता है और अगले बच्चे के लिए बेहतर तैयारी होती है।

मां की सेहत के लिए क्यों जरूरी है गैप?

प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर को ठीक होने में समय लगता है। अगर बहुत जल्दी दूसरी प्रेग्नेंसी हो जाए, तो एनीमिया, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
Age Gap Between siblings

Age Gap Between siblings

पहले बच्चे के विकास पर असर

अगर बच्चों के बीच बहुत कम अंतर होता है, तो पहले बच्चे को पर्याप्त समय और ध्यान नहीं मिल पाता। 2–3 साल का गैप बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहतर माना जाता है। हालांकि दो बच्चों के बीच में बहुत ज्यादा भी उम्र का अंतर सही नहीं होता है। 5 साल या उससे ज्यादा का अंतर होने पर दोनों बच्चों के बीच तालमेल बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। उनकी उम्र और रुचियों में काफी फर्क होता है, जिससे बॉन्डिंग पर असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट्स क्या कहती हैं

सही एज गैप होने से माता-पिता दोनों बच्चों को बेहतर समय और ध्यान दे पाते हैं, जिससे उनका विकास संतुलित होता है और आपसी रिश्ते मजबूत बनते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दूसरा बच्चा प्लान करने से पहले महिला की सेहत और लाइफस्टाइल का ध्यान रखना जरूरी है। यह अंतर परिवार के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन में मदद करता है। हालांकि इस बात को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि, हर परिवार की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए कोई एक तय 'सही' एज गैप नहीं होता।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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