लाइफस्टाइल

Dasheri Mango: नवाबी शौक और अवध का एक गांव, जानें कैसे पड़ा था दशहरी आम का नाम

Dasheri Aam Name History: दशहरी आम को भारत के आमों का राजा भी कहा जाता है। यह आम अपनी मिठास और अनोखे स्वाद के लिए मशहूर है। इसका नाम और उत्पत्ति एक रोचक कहानी से जुड़ी है, जो उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र से शुरू होती है।

Image

History and Origin of Dasheri Mangoes

Dasheri Aam Name History in Hindi: आम तो आम ही है लेकिन उसके अलग-अलग नाम हैं। हर नाम के आम की अलग खासियत और स्वाद है। कोई अल्फांसो का दीवाना है तो किसी को लंगड़ा आम का चस्का होता है। वैसे क्या आपने सोचा है कि आम के नाम कैसे पड़े होंगे। हम आपको हर आम के नाम के पीछे जुड़ी दिलचस्प कहानी से रूबरू करा रहे हैं। लंगड़ा और अल्फंसो के बात आज बात होगी दशहरी आम के नाम की:

दशहरी आम को भारत के आमों का राजा भी कहा जाता है। यह आम अपनी मिठास और अनोखे स्वाद के लिए मशहूर है। इसका नाम और उत्पत्ति एक रोचक कहानी से जुड़ी है, जो उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र से शुरू होती है।

कहानी 18वीं शताब्दी की है जब मलिहाबाद के नवाबों के बागानों में आम की खेती फलती-फूलती थी। एक नवाब, जिन्हें बागवानी का शौक था, ने अपने बगीचे में कई तरह के आमों की किस्में लगाईं। एक दिन उन्होंने एक खास पेड़ के आम का स्वाद चखा, जो अपनी मिठास और रसीलेपन में बेजोड़ था। इस आम की खासियत यह थी कि यह पेड़ एक छोटे से गांव, दशहरी, के पास लगाया गया था। यह गांव लखनऊ के पास मलिहाबाद तहसील में स्थित है।

नवाब ने इस आम को दशहरी नाम दिया, जो उस गांव के नाम पर आधारित था। कहा जाता है कि यह पेड़ मूल रूप से एक शंकर प्रजाति था, जो स्थानीय आमों और शायद किसी अन्य प्रजाति के संयोग से बना। नवाब ने इस पेड़ की कलम (ग्राफ्टिंग) तकनीक से कई और पेड़ तैयार किए और जल्द ही दशहरी आम पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध हो गया।

दशहरी आम की एक और कहानी यह है कि इसे "दसहरा" से भी जोड़ा जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि यह आम दसहरा त्योहार के समय पकने के कारण "दशहरी" कहलाया, लेकिन यह किवदंती कम प्रचलित है। असल में गांव का नाम ही इसकी पहचान का मुख्य कारण माना जाता है।

आज दशहरी आम भारत में सबसे लोकप्रिय आमों में से एक है। इसकी मिठास, पतली गुठली और लंबे समय तक ताजा रहने की खूबी इसे खास बनाती है। मलिहाबाद अब दशहरी आम का गढ़ है, जहां हर साल आम महोत्सव में इसकी धमक नजर आती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article