Cycle Shayari in Hindi: हर साल की तरह इस साल भी 3 जून यानी आज विश्व साइकिल दिवस (World Bicycle Day) मनाया जा रहा है। साइकिल एक मानव-शक्ति से चलने वाला, पैडल से चलने वाला वाहन है जिसमें दो पहिए होते हैं। यह दुनिया भर में परिवहन का एक लोकप्रिय, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती साधन है। साइकिल न केवल एक साधारण वाहन है, बल्कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। यह दुनिया के सबसे पुराने और किफायती यातायात साधनों में से एक है, जिसे बच्चे से लेकर बूढ़े तक आसानी से चला सकते हैं। साइकिल चलाना एक बेहतरीन व्यायाम है। यह हृदय, फेफड़ों और मांसपेशियों को मजबूत करता है, वजन घटाने में मदद करता है और मानसिक तनाव को कम करता है। साइकिल नुकसान से परे है। पर्यावरण की दृष्टि से यह शून्य प्रदूषण वाला साधन है। साइकिल एक सरल, सस्ता और टिकाऊ परिवहन साधन है जो हमें स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छ पर्यावरण की ओर ले जाता है। इसी साइकिल पर कई शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं। विश्व साइकिल दिवस पर यहां पढ़ें साइकिल पर लिखे मशहूर शेर:

Cycle Wali Shayari
Cycle Wali Shayari, Cycle Ki Shayari, साइकिल पर शायरी
1. इक रोज़ जा रहे थे कहीं साइकल से हम
पहुंचे जो एक मोड़ पे नाज़िल हुआ सितम
- आदिल लखनवी
2. मेरी साइकल से जो तू जान के टकराई थी
एक दिन आड़ थे कुछ बाल तिरे सर पे मगर
- ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी
3. वही शिकस्ता साइकल वही उदास ज़िंदगी
तिरे लिए तो कुछ नहीं हमारे पास ज़िंदगी
- सुहैल आज़ाद

Cycle Shayari in Hindi
4. कार स्कूटर कहां ईमान-दारी में हुज़ूर
की बहुत कोशिश तो बस इक साइकल हो जाएगी
- अब्ब्दुर्रऊफ़ अन्जुम
5. तन के ढकने के लिए मोर्रिस का बॉनेट छा गया
हां हमारी साइकल ने भी किया ये कार-ए-नेक
- ज़रीफ़ जबलपूरी
6. जब साइकल पर चल दिए, कुल फैमली अपनी लिए
दो टोकरी में हैं निहां दो का है डंडे पर मकां
- फ़ुर्क़त काकोरवी

Cycle Ki Shayari
7. साइकल थोड़ी चौबीस इंची ऊंट चलाया करते थे
वो भी तीन चरण में भय्या क़ैंची डंडा फिर गद्दी
- शारिक़ क़मर
8. एवन की वो साइकल छत पर पड़ी जंग खा रही है
अब कोई उस को ढोने वाला चाहिए
- सचिन देव वर्मा
9. पापा ने साइकल तो बिल्कुल नई दिलाई
अब क्या है इस का हुलिया कैसे हुआ ये भाई
- बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

Shayari on Cycle
10. कि मेरी मानिंद हम सभी वक़्त की खड़ी साइकल का
गर्दिश-पज़ीर पहिया हैं ना-मसाफ़त-ए-नौ रू-गर्दां
- इक़बाल कौसर
11. डाल कर जल्दी से ख़त या पार्सल
भाग कर देखे कि उसकी साईकल
- कन्हैया लाल कपूर
विश्व साइकिल दिवस के मौके पर आप इन शायरियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने किसी करीबी को ये शायरी भेज भी सकते हैं।
