Chili oil: चिली ऑयल कोई भी ऐसा वेजिटेबल ऑयल हो सकता है, जिसे चिली पेपर्स के साथ बनाया जाता है। यह ऑयल कोरियाई और चाइनीज खाने में आमतौर पर इस्तेमाल होता है। इसका रंग रेडिश ऑरेंज होता है और इसके इंग्रेडिएंट्स रीजन के मुताबिक अलग हो सकते हैं। चिली ऑयल में विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स होते हैं। इसलिए, इस ऑयल के कई कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। इसमें विटामिन सी और विटामिन ए के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स और लाभदायक फैटी एसिड्स भी होते है। इसका इस्तेमाल स्किन केयर में किया जाता है। और यह दिल के लिए भी फायदेमंद हैं। आइए जानिए इसके अन्य लाभों के बारे में।
चिली ऑयल के फायदे क्या हैं?
बहुत से लोग चिली ऑयल का इस्तेमाल टोपिकाली और इंटरनली दोनों रूपों में करते हैं अगर वो मोटापे, हाई कोलेस्ट्रॉल, क्रॉनिक पेन, एक्जिमा से पीड़ित हो। दिल के लिए तो यह फायदेमंद है ही। इसके अलावा इसके अन्य लाभ इस प्रकार हो सकते हैं:
इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट करे- चिली ऑयल में विटामिन सी होता है, जो व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन में मदद कर सकता है। यही नहीं, यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है, जो इम्यून सिस्टम पर स्ट्रेन को कम करता है। यह इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट करने में मददगार है।
स्टमक इशूज से राहत- इस ऑयल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड्स पेट की समस्याओं से राहत पहुंचाने में मददगार है। यह ऑयल डायजेशन के लिए अच्छा है और गट में बैक्टेरियल एनवायरनमेंट को बैलेंस करता है।
साइनस कंजेशन को क्लियर करे- अगर एलर्जी या कोल्ड के कारण हमारा नाक बंद है, तो साइनस को अनब्लॉक करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में, कभी-कभी चिली ऑयल की एरोमा को इंहेल करने से साइनस को क्लियर करने में मदद मिलती है।
चिली ऑयल के एक अच्छा मसाला होने के साथ ही बहुत अधिक फायदे भी हैं। इसमें कई विटामिन्स, मिनरल्स और लाभदायक नेचुरल प्लांट कंपाउंड्स होते हैं। लेकिन, इसका अधिक इस्तेमाल करने के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अगर आप इसके इस्तेमाल के बाद कोई भी साइड-इफेक्ट्स का अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)
