Tiranga Shayari(तिरंगे पर शायरी), Republic Day Tiranga Shayari 2 line: पूरा देश गणतंत्र दिवस के रंग में रंगा नजर आ रहा है। देश के लिए प्रेम और जोश से भरे हिंदुस्तानी भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाने तो तैयार हैं। सड़कें हो या फिर मोहल्ले, मकान हो या दुकान..चारों तरफ हिंदुस्तान की आन बान शान का प्रतीक तिरंगा हवा में लहराता दिख रहा है। ये तिरंगा हम भारतीयों की स्वाधीनता, स्वाभिमान और शक्ति का मेल है। 26 जनवरी पर कई तरह के कार्यक्रम होते हैं। शुरुआत तिरंगा फहराने से होती है। तिरंगा फहराने के बाद अगर इसपर जबरदस्त शायरी बोल दी जाए तो माहैल बन जाता है। तो अगर आप भी इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर माहौल बनाना चाहते हैं तो हम आपके लिए लाए हैं तिरंगा शायरी हिंदी में:
Love Tiranga Shayari | Whatsapp Tiranga Shayari
1. कुछ नशा तिरंगे की आन है
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है
हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है
2. अश्कों की तरह झरता तिरंगा आसमान से,
दर्द में भी वतन की खुशबू है जहान से।
3. तिरंगे को सलाम
इसमें बसी देशवासियों की जान ।
इसमें मिले भाईचारे की पहचान।।
सर्वदा बनी रहे इस तिरंगे की शान।
इसको करें हर भारतवासी प्रणाम,
तिरंगे को सलाम
4. तिरंगे की चमक में छुपा है दर्द का जहाँ,
दिल से जुड़ा हर जज़्बा वतन का निशाँ।
5. तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है मेरी शान
तिरंगा रहे सदा ऊंचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी
6. भारत के सीने में गड़ा तिरंगा
लहरा रहा है आसमान में
सवा सौ करोड़ भारत की जनता का
आन बान शान तिरंगा बसा है जान में
7. तिरंगा भी कभी न हारे इस दिल की जंग,
जख्मों में छुपा है वतन का रंग।
8. ये बात हवाओं को बताए रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर जिसकी हिफाजत हमनें की
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना।।
9. ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर
सोने में सिमटकर मरे हैं कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
10. तीन रंग का नहीं वस्त्र, ये ध्वज देश की शान है
हर भारतीय के दिलों का स्वाभिमान है
यही है गंगा, यही है हिमालय, यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान है।
11. खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते हैं
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं
करता हूं उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों
तुम्हारी हर सांस में तिरंगे का नसीब बसता है।
12. देश का कोई भी गली कूचा रहे
तिरंगा हमेशा सब से ऊँचा रहे
- सचिन देव वर्मा
13. गाओ जय जय गान तिरंगा झंडे का
ऊँचा रहे निशान तिरंगे झंडे का
- अताउर्रहमान तारिक़
14. लहरा रहा है देखो आकाश पर तिरंगा
अम्न-ओ-अमाँ का पैकर झंडा वो रंग-बिरंगा
- वक़ार ख़लील
15. सब से अच्छा सब से न्यारा
रंग तिरंगा प्यारा प्यारा
- मोहम्मद शफ़ीउद्दीन नय्यर
16. कोह-ए-हिमाला गंगा जमुना
इस का परचम है ये तिरंगा
- बिस्मिल्लाह अदीम
17. लहरा तिरंगे लहरा हवा में
भर दे रंग-ओ-नूर फ़ज़ा में
- सआदत नज़ीर
उम्मीद करते हैं तिरंगे पर लिखे ये शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। इस गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर आइए हम प्रण लें कि अपने देश की आन,बान और शान तिरंगे को कभी झुकने नहीं देंगे। जब तक सूरज और चांद रहेंगे, तब तक इस तिरंगे का सम्मान बना रहेगा। जय हिंद जय भारत।
