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Places to visit near Tawang, Arunachal Pradesh: तवांग के आसपास ये हैं घूमने की बढ़िया और सुंदर जगहें, जानें पूरी डिटेल

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Dec 20, 2022, 01:10 PM IST

Places to visit near Tawang, Arunachal Pradesh: बर्फ से ढके पहाड़ों, घाटियों, झीलों और घने जंगलों से सुसज्जित, तवांग में घूमने की जगहें अपनी शांति और मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्यों के लिए जानी जाती हैं। अगर आप रोमांच और मानसिक शांति के लिए छुट्टी की तलाश में हैं, तो आपको तवांग की यात्रा जरूर करनी चहिए।

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Places to visit near Tawang, Arunachal Pradesh

Photo : iStock

Best Places to visit near Tawang, Arunachal Pradesh: तवांग (Tawang)अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) का एक सुंदर शहर है, जो हिमालय के बीच 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। साथ ही तवांग बाइकर्स (Bikers) के लिए 'नया लद्दाख' है। बर्फ से ढके पहाड़ों, घाटियों, झीलों और घने जंगलों से सुसज्जित, तवांग में घूमने की जगहें अपनी शांति और मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्यों के लिए जानी जाती हैं। अगर आप रोमांच और मानसिक शांति के लिए छुट्टी की तलाश में हैं, तो आपको तवांग की यात्रा जरूर करनी चहिए। तवांग की यात्रा के लिए गर्मी या मानसून की शुरुआत से पहले सबसे अच्छा समय है। तवांग में घूमने के लिए कई जगहें हैं, ऐसे में आज हम आपको तवांग के आसपास 100 किलोमीटर के दायरे में घूमने वाली कुछ जगहों के बारे में बता रहे हैं।

सेला दर्रा (Sela Pass)

तवांग के पास घूमने की खास जगहों में से एक है सेला दर्रा। सेला दर्रा अपनी रहस्यवादी सुंदरता से सभी को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। उत्तर-पूर्व के लिए प्रकृति के सबसे आश्चर्यजनक उपहारों में से एक सेला दर्रा अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक जीवन रेखा है, क्योंकि यह एकमात्र रास्ता है जो राज्य के तवांग जिले को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। सेला दर्रा हमेशा बर्फ से ढकी रहती है। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण सेला दर्रा जाने के लिए इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है। तवांग से सेला दर्रा की दूरी 73 किलोमीटर है।

माधुरी झील (Madhuri Lake)

अरुणाचल प्रदेश वैसे तो कई खूबसूरत झीलों का घर है, लेकिन माधुरी झील के रूप में कोई भी सुंदर और मोहक नहीं है, जिसे सांगेसर झील भी कहा जाता है। देश की सबसे दूरस्थ झीलों में से एक और शायद दुनिया की भी, संगीतसर या माधुरी झील चट्टानी पहाड़ों और हमेशा मौजूद रहने वाली झील की सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। तवांग से महज 30 किलोमीटर और समुद्र तल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित माधुरी झील, हिमालय के बीचों-बीच विशाल पहाड़ों के बीच स्थित है। माधुरी झील प्रकृति का एक उपहार है जो आपको चकित करती है।

नूरानंग वाटरफॉल (Nuranang Falls)

देश के सबसे शानदार झरनों में से एक नूरानंग वाटरफॉल पानी की एक सुंदर सफेद चादर है जो लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से नीचे उतरती है। तवांग से बोमडिला तक की अपनी यात्रा के दौरान नूरनांग वाटरफॉल का एक दिन का दौरे से आप झरनों के पास कुछ आराम और आनंददायक समय बिता सकेंगे। वाटरफॉल के चारों ओर के दृश्य चारों ओर ऊंची पहाड़ियों से घिरे हुए हैं। नूरानंग वाटरफॉल अरुणाचल प्रदेश की सुंदरता की एक झलक पाने के लिए एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। तवांग से नूरानंग वाटरफॉल की दूरी 31 किलोमीटर है।

पंगा टेंग त्सो झील (Panga Teng Tso Lake)

बर्फ से ढके पहाड़ों और चमकीले रोडोडेंड्रोन से घिरे, पंगा टेंग त्सो झील या पीटी त्सो झील हर घूमने वाले यात्री के लिए एक बढ़िया जगह है। गर्मियों में जहां झील क्रिस्टल नीले पानी से चमकती है, तो वहीं सर्दियों में ये पूरी तरह से जमी रहती है। तवांग से पंगा टेंग त्सो झील की दूरी 18 किलोमीटर है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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