लाइफस्टाइल

Bageshwar Dham Sarkar Quotes, Status: चाहे जीवन में कुछ भी छोड़ देना..., बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोट्स

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Apr 6, 2024, 08:53 AM IST

Bageshwar Dham Sarkar Quotes, Status: लोगों का मानना है कि बागेश्वर धाम सरकार लोगों के मन की बात जानकर उनकी समस्या का समाधान भी कर देते हैं। साथ हाी वह अपने कथा और सनातन धर्म के प्रति लोगों को हिंदू धर्म के प्रति जागरूक करते है।

Image

Bageshwar Dham Sarkar Quotes, Status: चाहे जीवन में कुछ भी छोड़ देना..., बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोट्स

Bageshwar Dham Sarkar Quotes, Status: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। आज वह किसी न किसी तौर पर चर्चा पर रहते ही हैं। हर घर के किसी न किसी सदस्य को उनके बारे में पता है। लोगों का मानना है कि बागेश्वर धाम सरकार लोगों के मन की बात जानकर उनकी समस्या का समाधान भी कर देते हैं। साथ हाी वह अपने कथा और सनातन धर्म के प्रति लोगों को हिंदू धर्म के प्रति जागरूक करते है। ऐसे में आज हम आपके साथ बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोट्स (Bageshwar Dham Sarkar Quotes), शायरी, स्टेटेस (Bageshwar Dham Sarkar Status) आदि शेयर करने जा रहे हैं।

बागेश्वर धाम सरकार के कोट्स और स्टेटस (Bageshwar Dham Sarkar Quotes, Status)

1

हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में,

जानने के बजाए खुद की सफलता,

पर काम करना चाहिए।

2

कलयुग में कही ऐसे पुण्य धाम नहीं थे,

भारत की तरह धर्म के आयाम नहीं थे,

रावण के खानदान के होंगे हो लोग ‘दोस्तों’

जो लोग कह रहे है कभी राम नहीं थे।

3

गुण मिले तो गुरु बनाओ चित्त मिले,

तो चेला मन मिले तो मित्र बनाओ,

वरना रहो अकेला।

4

चाहे जीवन में कुछ भी छोड़ देना,

पर उम्मीद और मुस्कुराना,

कभी मत छोड़ना।

5

बागेश्वर धाम के होते हुए,

तू क्यों हैरान है।

बालाजी के चरणों में,

हर एक मुसीबत का समाधान है।

6

मैं आंखों में बागेश्वर धाम की चमक रखता हूं,

मेरी चाहे जान निकल जाए,

भक्ति करने में दम रखता हूं।

7

जो कोई बागेश्वर धाम जाता है,

उसका मन तन खुश हो जाता है।

8

बागेश्वर धाम द्वार पर सच्चे मन से जाओ,

अपने मन का मनोवांछित फल पाओ।

9

लगा के आग दौलत में

हमने ये सौक पाले है,

कोई पूछे तो कह देना

हम बागेश्वर वाले हैं।

10

ना भावनाओ से ना सविधान से,

देश चलेगा तो सिर्फ गीता पुराण से।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article