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Baby Sitting position: बैठना सीख रहा है नन्हा-मुन्ना तो रखें ध्यान, रीढ़ की हड्डी ही नहीं ब्रेन पर भी होता है असर

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 13, 2022, 11:00 PM IST

Baby Sitting Position: जब बच्चे बैठना शुरू करते हैं तो किसी को ये नहीं पता होता कि, जैसे वो बैठे हैं तो इसका असर कितना गंभीर हो सकता है। सभी को लगता है कि, इसका प्रभाव सिर्फ उनकी रीढ़ की हड्डी पर पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं है इसका असर उनके ब्रेन पर भी पड़ता है। जिससे कई सारी परेशानियां बच्चों में दिखाई देने लगती है। इसलिए आपको बच्चों की पोजिशन का खास ध्यान रखना चाहिए।

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बच्चे को बैठाने का ये है सही तरीका

KEY HIGHLIGHTS
  • डब्लू पोजिशन में बच्चे को ना बैठने दें
  • मानसिक विकास में आ सकती है रूकावट
  • बच्चे हो सकते हैं हाइपरमोबाइल समस्या का शिकार

Baby Sitting Position: जब भी बच्चा बैठना सिखता है तो उसके परिवार को काफी खुशी होती है। लेकिन यही स्टेज होती है जब माता-पिता को कई तरह की सावधानी रखनी होती है ताकि उनके बच्चे पर किसी तरह का कोई बुरा असर ना पड़े। क्योंकि गलत पोजिशन बच्चे की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है। जिसके कारण उसका विकास भी रूक सकता है।

अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे की हेल्थ अच्छी रहे तो उसे कभी भी डब्लू पोजिशन में मत बैठने दें। क्योंकि ये पोजिशन कुछ समय के लिए तो ठीक है लेकिन उसके बाद इसका असर, घुटने, बोन मसल्स को कमजोर करने में लग जाता है। जिसके कारण बच्चे परेशान रहते हैं और उसका असर उनके दिमाग पर पड़ता है।

मानसिक विकास में आ सकती है रूकावट

जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है उसके बैठने का तरीका बदलने लगता है। जिस पर माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इसको सही करने से कभी भी आपके बच्चे के दिमाग पर किसी तरह का कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। आसानी से वो परेशानी कंट्रोल हो जाएगी। जिसके कारण समय-समय पर उसका सही विकास भी हो पाएगा।

बच्चे हो सकते हैं हाइपरमोबाइल समस्या का शिकार

एक गलत पोजिशन बच्चे के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है। उसे हाइपरमोबाइल समस्या हो सकती है। इसमें बच्चे के जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी देखी जाती है। जिसके बाद वो सही से चल नहीं पाते और उनमें चिड़चिड़ापन पैदा हो जाता है। जिसका असर उनके मानसिक स्थिति पर पड़ता है।

इन्हीं समस्या को खत्म करने के लिए हमें बच्चों की सही पोजिशन का ध्यान रखना है ताकि उनकी मेंटल हेल्थ को सही और सुरक्षित रखा जा सके।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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