Yoga for Stress Reduction: अगर आपको भी है काम का स्ट्रेस, तो अपनी दिनचर्या में शामिल करें ये पांच योगासन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 11, 2022, 06:32 AM IST

Yoga Benefits: इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई तनाव से ग्रस्त है, ऐसे में योग हमारे काम आता है। योग हमारे शरीर, दिमाग और भावानात्मक क्षमता के तालमेल को सही करता है, जो तनाव के कारण हम खो देते हैं। यहां हम कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको इन सभी समस्याओं से निजात दिला सकते हैं।

Yoga for Stress Reduction: अगर आपको भी है काम का स्ट्रेस, तो अपनी दिनचर्या में शामिल करें ये पांच योगासन

Yogasana for Mental Health: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच तालमेल बिठाना काफी कठिन हैं। चिड़चिड़ाहट, गुस्सा और अशांत बोझिल मन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। स्ट्रेस या अवसाद शारीरिक और मानसिक अशांति का मुख्य कारण हैं। इस समस्या को अपने जीवन से दूर रखना एक स्वस्थ जिंदगी के लिए काफी जरूरी है। अवसाद या तनाव के ज्यादा बढ़ने पर लोग दवाइयों की तरफ रुख करते हैं, लेकिन इसकी अति आपको नुकसान पहुंचा सकती है। प्राचीन भारत ने इसका इलाज आपके सामने योग के रूप में रखा है। आज हम आपको ऐसे पांच योगासन के विषय में बताने जा रहें हैं। जिसके निरंतर अभ्यास से आप स्ट्रेस को अपनी खुशनुमा जिंदगी से दूर रख सकते हैं।

सुखसान तनाव कम करने में काफी मददगार

सुखासन का 10 मिनट का प्रयोग आपको बहुत फायदा पहुंचा सकता है। आपको कम से कम दस मिनट तक इसका अभ्यास जरूर करना चाहिए। इस बेहद आसान है और इसके कई फायदे जैसे शरीर में ब्लडसर्कुलेशन बेहतर, दिल की बीमारियो से निजात, तनाव कम करने में काफी मददगार, गुस्सा कम करना और इससे एकाग्रता भी बढ़ती है। सुखासन करना काफी सरल है। अप एक शांत खुली जगह को चुने। फिर अपने दाएं पैर को बाएं घुटने के नीचे रखें और बाएं पैर को दाएं घुटने के नीचे रखें।आंखे बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें। धीमी गति से सांस के और छोड़े। 

मार्जरी आसन फेफड़ों और पाचन के लिए अच्छा

मार्जरी आसन के लगातार प्रयोग से तनाव कम करने के साथ आपके शारीरिक लचीलेपन को भी बढ़ाता है। इसके प्रयोग से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन रीढ़, फेफड़ों के लिए अच्छा और पाचन को मजबूती पहुंचाता है। इसके पोज के कारण इसे कैट पोज ( Cat Pose)  भी कहा जाता है। इसे करने के लिए आप घुटनों और हाथों के बल पहले बैठ जाइए। इस कदर जैसे कि शरीर को टेबल बना लिया हो। अब सांस को अंदर लेते हुए पेट को अंदर की तरफ करें। इसके बाद सांस को धीरे धीरे बाहर की तरफ  छोड़े। 

बालासन शुरूआती तनाव में लाभप्रद

अगर आपको तनाव की शिकायत है, तो बालासन आसन आपके लिए ही है। इस आसन के लगातार प्रयोग से तनाव के साथ साथ शुरुआती अवसाद से भी मुक्ति मिल जाती है। साथ ही कूल्हों, जांघों, और टखनों में खिंचाव भी लाता है। इस आसन को करना आसान है। इसके प्रयोग के लिए घुटनों के बल जाइए और इसके बाद अपने हाथों को आगे की तरफ ले जाइए। अब इस दौरान शरीर को आगे की तरफ झुकाएं। इसके प्रयोग से न सिर्फ ताना से बल्कि पूरे शरीर को राहत मिलती है। 

पश्चिमोत्तानासन अनिद्रा को दूर करने में सहायक

पश्चिमोत्तानासन देखने में आसान लेकिन तनाव के साथ ही पेट की चर्बी, हड्डियों को लचीला लाने, बेहतर पाचन और अनिद्रा की समस्या दूर करने के लिए काफी मददगार है। पश्चिमोत्तानासन को करने के लिए पहले बैठ जाइए। अब हाथों को पैरों से आगे बढ़ाते हुए खींचें और पैर के अंगूठे की छूने की कोशिश करें। समय के साथ इस प्रक्रिया में बेहतर होंगे। अब धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आए।

शवासन दिल की बीमारियों को करता है दूर
शवासन एक बेहद आरामदायक और फायदेमंद आसन है। इसके लगातार प्रयोग से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मनोविकार और दिल की बीमारियों से भी निजाज मिलता है। साथ ही थकान से छुटकारा और मन होता है। बुद्धि और  एकाग्रशक्ति में बढ़ोतरी होती है। इसे करना बेहद आसान है। इसके लिए आराम से जमीन पर लेट जाइए। अपना चेहरा सीधा और ऊपर की तरफ रखें। अपने हाथों को अपने शरीर से लगाकर सीधा रखें। अब धीमी गति में सांस लेते और छोड़ते रहें।

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