Happy New Year 2022 Wishes Hindi Shayari: खास अंदाज में अपने दोस्तों को दें नववर्ष की शुभकामनाएं, यहां देखें शुभेच्छा संदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 1, 2022, 07:49 AM IST

Happy New Year 2022 Wishes Hindi Shayari, Images, Messages, Naya Saal Mubarak Ho Shayari: नए साल के मौके पर लोग एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। अपने परिजनों और दोस्तों को नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए यहां देखें कुछ खूबसूरत शुभकामना संदेश।

Happy New Year 2022 Wishes Hindi Shayari: खास अंदाज में अपने दोस्तों को दें नववर्ष की शुभकामनाएं, यहां देखें शुभेच्छा संदेश
Photo Credit: Times Now

Happy New Year 2022 Wishes Hindi Shayari, Images, Messages: नववर्ष हर व्यक्ति के लिए नई खुशियों के साथ नया मौका लेकर आता है। इस खास मौके पर लोग अपनी गलतियों से सबक लेकर नए सफर का आगाज करते हैं। नववर्ष का स्वागत लोग एक-दूसरे को बधाई दे कर करते हैं। 

सभी लोगों के लिए नया साल जश्न का विषय होता है। दुनिया भर में नए साल का जश्न खुशनुमा अंदाज में मनाया जाता है। आप भी इस मौके पर अपनों को बधाई संदेश इन शायरियों के जरिए भेज सकते है। शायरी नए साल के मौके पर मुबारकबाद देने का एक शानदार तरीका है जिसमें कम शब्दों में ही आप अपनी बात और संदेश को अपनों तक पहुंचा पाते हैं। 

नए साल की शायरियां

न कोई रंज का लम्हा किसी के पास आए
खुदा करे कि नया साल सब को रास आए

नए साल में पिछली नफ़रत भुला दें
चलो अपनी दुनिया को जन्नत बना दें

मुबारक मुबारक नया साल आया
खुशी का समां सारी दुनिया पे छाया

पलट सी गई है जमाने की काया
नया साल आया नया साल आया
(अख्तर शीरानी)

ये साल भी उदासियां दे कर चला गया
तुम से मिले बगैर दिसंबर चला गया

अब के बार मिल के यूं साल-ए-नौ मनाएंगे
रंजिशें भुला कर हम नफरतें मिटाएंगे

बहार-ए-हुस्न ये दो दिन की चांदनी है हुज़ूर
जो बात अब की बरस है वो पार साल नहीं
(लाला माधव राम जौहर)

ये एक लम्हा जिसे हम नया समझते हैं
खुदा करे कि नए मौसमों के साथ आए

साल-ए-नौ आता है तो महफ़ूज़ कर लेता हूं मैं
कुछ पुराने से कैलन्डर ज़ेहन की दीवार पर
(आजाद गुलाटी)

उम्र का एक और साल गया
वक्त फिर हम पे ख़ाक डाल गया
(शकील जमाली)

एक पत्ता शजर-ए-उम्र से लो और गिरा
लोग कहते हैं मुबारक हो नया साल तुम्हें

तू नया है तो दिखा सुब्ह नई शाम नई
वर्ना इन आंखों ने देखे हैं नए साल कई
(फैज लुधियानवी)

इक अजनबी के हाथ में दे कर हमारा हाथ
लो साथ छोड़ने लगा आख़िर ये साल भी
(हफीज मेरठी)

फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग
राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी
(अजीज नबील)

इक साल गया इक साल नया है आने को
पर वक़्त का अब भी होश नहीं दीवाने को
(इब्न-ए-इंशा)

आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर
जिस के होते हुए होते थे जमाने मेरे
(अहमद फराज)

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