Jitiya Vrat 2022 Shayari, Wishes: जितिया व्रत 2022 की शुभकामनाओं के साथ भेजें ये शायरियां, इन तस्वीरों से दें बधाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 18, 2022, 06:15 AM IST

Happy Jitiya Vrat 2022 Wishes Hindi Shayari, Images, Messages:जितिया व्रत 18 सितंबर को रखा जा रहा है। इस दिन मां निर्जला व्रत रखकर नहाए खाए के साथ व्रत का पारण करती हैं। इस मौके पर आप तस्वीरों और इन संदेशों के जरिेए बधाई संदेश भेज सकते हैं।

Jitiya Vrat 2022 Shayari, Wishes: जितिया व्रत 2022 की शुभकामनाओं के साथ भेजें ये शायरियां, इन तस्वीरों से दें बधाई

Happy Jitiya Vrat 2022 Wishes Hindi Shayari, Images, Messages: हिंदू धर्म में कई सारे ऐसे व्रत हैं, जो महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। जितिया व्रत या फिर जीवित्पुत्रिका व्रत भी उनमें से एक हैं। हर साल अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जितिया व्रत रखा जाता है। इस साल जितिया का व्रत 18 सितंबर को रखा जाएगा। वहीं, 19 सितंबर को व्रत का समापन होगा।

इस व्रत को जीवित्पुत्रिका, जितिया, जिउतिया,और ज्युतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। सुहागिन महिलाएं एक-दूसरे को इस मौके पर बधाई देते हैं और संतान के लिए दिल से दुआ भी मांगते हैं। तो अगर आप अपने रिश्तेदारों और जानने वालों से नहीं मिल पा रहे हैं, तो इन मैसेज, कोट्स, शायरी, श्लोकों, तस्वीरों के जरिए जितिया की शुभकामनाएं भेज सकते हैं।

आपके व्रत का तप रंग लाए,
भगवान आप पर  आशीर्वाद बरसाएं
आप के घर पर खुशहाली आए

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।
जीवित्पुत्रिका व्रत की शुभकामनाएं

आपको जितिया व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं।
आप स्वस्थ और सुखी रहें।
जीवन में सभी कष्टों और संकटों से आपकी रक्षा हो।

हो लम्बी आयु
बढ़ाए परिवार का मान
मां रख रही है व्रत
तुम करो कुल का गुणगाण


जीवित्पुत्रिका व्रत है
गवाह ममत्व का
मां को नमन जो
प्रतिरूप है ईश्वर का
बारम्बार नमन



चिराग हो तुम घर का
राग हो तुम मन का
रहो सलामत
युगों युगों तक
फैलाओ यश कीर्ति



बच्चों को मिले सेहत
संतान को मिले लंबी उम्र
बच्चों को मिले खुशियां अपार
मुबारक हो आपको जितिया का त्यौहार


बच्चों के लिए भी सेहत का वरदान लाए।
आपको और आपके पूरे परिवार को

मनचाही मुराद पूरी हो आपकी
संतान को मिले लंबी उम्र
सुख, सौभाग्य और संतति दें,
हरे लें सारे दुख और क्लेश।


तुम सलामत रहो
ये हैं मां की अरदास
तुम्हें भी करनी होगी
पूरी मां की आस
बढ़ते जाना आगे
प्रगति पथ पर
यही है मां की आस।





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