योगा बेशक ही हर किसी के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। खासतौर से प्रेगनेंट महिलाओं के लिए तो ये काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि योगासन करते वक्त आराम और सावधानी का खास ख्याल रखना ही चाहिए। ऐसे ही अपनी पहली प्रेगनेंसी के दौरान अनुष्का शर्मा की योग करते हुए वाली एक फोटो काफी वायरल हुई थी। जिसके में पति विराट के सपोर्ट और विशेषज्ञों की निगरानी में शीर्षासन करती नजर आईं थीं। इस फोटो को देख इंटरनेट पर कई लोग दंग रह गए थे।
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आमतौर पर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के इस प्रकार के योगासन करने से मना किया जाता है। हालांकि अनुष्का ने अपनी पोस्ट में साझा किया था कि, वे लंबे समय से लोग कर रही हैं। और उनकी डॉक्टर ने उन्हें इस योग को करने के हां कहा था। अब सवाल ये है कि, क्या आप गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन कर सकती हैं या नहीं। वहीं आखिर इसे प्रेगनेंसी में करने के क्या फायदे हो सकते हैं। देखें योगासन का राजा माना जाने वाला शीर्षासन प्रेगनेंसी में कैसे करें और किसे नहीं करना चाहिए।
क्यों कहलाता है शीर्षासन योगासन का राजा?
शीर्षासन में व्यक्ति सिर के बल शरीर को सीधा ऊपर उठाकर संतुलन बनाता है। योग परंपरा में इसे आसनों का राजा कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के कई हिस्सों को एक साथ सक्रिय करता है और संतुलन, एकाग्रता तथा नियंत्रण विकसित करने में मदद करता है।
क्या प्रेग्नेंसी में शीर्षासन फायदेमंद हो सकता है?
कुछ अनुभवी योग प्रशिक्षकों के अनुसार, जो महिलाएं गर्भधारण से पहले वर्षों से शीर्षासन कर रही हों, वे विशेषज्ञ निगरानी में इसे जारी रख सकती हैं। माना जाता है कि यह शरीर के संतुलन और मानसिक एकाग्रता को बनाए रखने में मदद कर सकता है। लेकिन यह हर गर्भवती महिला के लिए उपयुक्त नहीं होता।
प्रेगनेंसी में शीर्षासन कैसे किया जाता है?
शीर्षासन प्रेगनेंसी में दीवार या पार्टनर के सहारे के साथ ही करें। पहले दोनों हाथों को जमीन पर टिकाकर सिर को बैलेंस स्थिति में रखें। फिर धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं और शरीर का संतुलन बनाए रखें। शुरुआत में कुछ सेकंड ही रुकें। किसी भी तरह की चक्कर, असहजता या दर्द महसूस होने पर तुरंत आसन छोड़ दें। नए लोगों को गर्भावस्था में शीर्षासन नहीं करना चाहिए।
शीर्षासन एक एडवांस योगासन है। इसे बिगिनर महिलाएं प्रेगनेंसी में डॉक्टर की सलाह लेकर ही करें।
