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बालों की ग्रोथ के लिए क्या खरीदें और क्या नहीं? जानिए आलिया भट्ट के हेयरस्टाइलिस्ट की राय

हर वायरल हेयर प्रोडक्ट आपके बालों के लिए जरूरी नहीं कि सही हो। मार्केटिंग देखकर नहीं, अपने बालों की जरूरत और प्रोडक्ट के इंग्रेडिएंट्स देखकर फैसला करना ज्यादा समझदारी है।

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सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट से जानें बालों के लिए कौन सी चीज कितनी जरूरी है (Photo: Amit Thakur Instagram)

बालों को घना, मजबूत और चमकदार बनाने के लिए आजकल बाजार में ढेरों प्रोडक्ट मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर भी रोज कोई न कोई हेयर सीरम, गमीज, शैम्पू या ट्रीटमेंट वायरल होता रहता है। इनके विज्ञापनों में बालों का झड़ना रोकने और तेजी से ग्रोथ का दावा किया जाता है।

इसी कड़ी में सेलिब्रिटी हेयरस्टाइलिस्ट अमित ठाकुर ने कुछ लोकप्रिय हेयर प्रोडक्ट्स को रेट किया है। अमित ठाकुर आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ और नीता अंबानी जैसी हस्तियों के लिए हेयर स्टाइलिस्ट का काम करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि किन प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करना समझदारी हो सकती है और किनसे बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

हेयर ग्रोथ सीरम

बालों की ग्रोथ के लिए इस्तेमाल होने वाले सीरम्स को अमित ने 8/10 की रेटिंग दी है। उनका कहना है कि ये सच में काम कर सकते हैं, लेकिन हर वायरल प्रोडक्ट पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।

उनके मुताबिक सीरम खरीदते समय उसके इंग्रेडिएंट्स पर ध्यान देना जरूरी है। ऐसे इंग्रेडिएंट्स वाले प्रोडक्ट चुनने चाहिए जिनके बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हों। सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल होने की वजह से कोई प्रोडक्ट अच्छा नहीं हो जाता।

क्लैरिफाइंग शैम्पू

अमित ने क्लैरिफाइंग शैम्पू को 9/10 दिए हैं। उनका कहना है कि इसे समय-समय पर इस्तेमाल करना स्कैल्प के लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, समय के साथ सिर की त्वचा पर सीरम, पसीना और दूसरे प्रोडक्ट्स के बचे हुए कण जमा हो सकते हैं। क्लैरिफाइंग शैम्पू इसको साफ करने में मदद करता है। हालांकि इसे रोजाना इस्तेमाल करने के बजाय जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना बेहतर है।

हीट प्रोटेक्टैंट

अगर आप हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या कर्लिंग आयरल जैसे हीट स्टाइलिंग टूल्स इस्तेमाल करते हैं, तो अमित के मुताबिक हीट प्रोटेक्टेंट बिल्कुल जरूरी है। उन्होंने इसे 100 में 100 की रेटिंग दी है। दरअसल हीट से बालों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए स्टाइलिंग से पहले हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल बालों को बचाने में मदद कर सकता है।

बॉक्स डाई

घर पर बालों को जल्दी से कलर करने के लिए बॉक्स डाई काफी सहूलियत भरा लगता है, लेकिन अमित ने इसे सिर्फ 4/10 दिए हैं। उनके मुताबिक इनमें मौजूद स्ट्रॉन्ग कलर पिगमेंट्स बालों को ड्राई कर सकते हैं। कई बार रंग बालों पर बेतरतीब तरीके से बैठता है और बाद में उसे ठीक करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए बार-बार घर पर बॉक्स डाई इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

बॉन्ड रिपेयर प्रोडक्ट्स

ब्लीचिंग, कलरिंग या लगातार स्टाइलिंग से बाल डैमेज हो गए हैं तो बॉन्ड रिपेयर प्रोडक्ट्स मददगार हो सकते हैं। अमित ने इन्हें 10/10 दिए हैं। उनका कहना है कि ये सिर्फ बालों के ऊपर एक कोटिंग बनाने के बजायडैमेज को गहराई से एड्रेस करने में मदद कर सकते हैं। इससे बाल मजबूत हो सकते हैं और ब्रेकेज कम हो सकता है।

हेयर गमीज

बालों की ग्रोथ के नाम पर बिकने वाली हे.र गमीज को अमित ने सबसे कम 2/10 दिए हैं। उनका कहना है कि इनका मार्केटिंग काफी जोरदार तरीके से किया जाता है, लेकिन हर व्यक्ति में इनके नतीजे एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं।

उनकी सलाह है कि सप्लीमेंट्स लेने से पहले ब्लड टेस्ट कराकर यह पता लगाना चाहिए कि शरीर में किसी विटामिन या न्यूट्रिएंट की कमी तो नहीं है। जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना ज्यादा बेहतर तरीका है।

कुल मिलाकर, हर वायरल हेयर प्रोडक्ट आपके बालों के लिए जरूरी नहीं कि सही हो। मार्केटिंग देखकर नहीं, अपने बालों की जरूरत और प्रोडक्ट के इंग्रेडिएंट्स देखकर फैसला करना ज्यादा समझदारी है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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