Madhoo Diet: बॉलीवुड एक्ट्रेस मधू आज भी अपनी फिटनेस और एनर्जी से लोगों को हैरान कर रही हैं। 57 की उम्र में भी उनकी एक्टिव लाइफस्टाइल और हेल्दी लुक किसी 27 साल की युवा सरीखी है। हाल ही में उन्होंने अपनी डाइट और खाने की आदतों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह सुबह नाश्ता नहीं करतीं, लेकिन रोजाना 2-3 चम्मच घी जरूर खाती हैं।
मधू का मानना है कि हर व्यक्ति के शरीर की जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए किसी भी डाइट को आंख मूंदकर फॉलो करने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आपके शरीर पर क्या चीज सबसे बेहतर काम करती है।
सुबह नहीं करतीं ब्रेकफास्ट
मधू बताती हैं कि वह सुबह उठने के बाद नाश्ता नहीं करतीं। उनकी पहली मील दोपहर के आसपास होती है। यानी वह लंबे समय तक बिना कुछ खाए रहती हैं। इस तरह का खान-पान इंटरमिटेंट फास्टिंग से मिलता-जुलता माना जाता है, जिसे आजकल कई लोग वजन नियंत्रित रखने और मेटाबॉलिज्म बेहतर करने के लिए अपनाते हैं।
हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग हर किसी को सूट नहीं करता। इसे अपनाने से पहले अपनी उम्र, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल को ध्यान में रखना चाहिए। मधू को ये तरीका सूट करता है।
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रोज खाती हैं 2-3 चम्मच घी
मधू ने बताया कि वह रोजाना 2 से 3 चम्मच घी अपने भोजन में शामिल करती हैं। उनका मानना है कि अगर सही मात्रा में खाया जाए तो घी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
घी में हेल्दी फैट्स और फैट-सॉल्युबल विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पोषक तत्वों के अवशोषण में भी मदद करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि घी का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, खासकर यदि किसी को मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी समस्या हो।
घर का बना खाना है पहली पसंद
मधू ने बताया कि उन्हें घर का सादा और ताजा खाना पसंद है। वह प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा पैकेज्ड चीजों से दूरी बनाकर रखती हैं। उनकी कोशिश रहती है कि भोजन में प्राकृतिक और पौष्टिक चीजें ज्यादा शामिल हों। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि घर का बना संतुलित भोजन बाहर के अत्यधिक प्रोसेस्ड और फास्ट फूड की तुलना में स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है।
डाइट नहीं, संतुलन पर देती हैं जोर
मधू का कहना है कि वह किसी सख्त डाइट प्लान का पालन नहीं करतीं। उनकी कोशिश सिर्फ इतनी रहती है कि शरीर की जरूरत के अनुसार खाएं और ओवरईटिंग से बचें। वह भोजन का आनंद लेने में विश्वास रखती हैं, लेकिन मात्रा का भी ध्यान रखती हैं।
यही संतुलित सोच लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद कर सकती है। कई पोषण विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अत्यधिक प्रतिबंध लगाने वाली डाइट की बजाय संतुलित खान-पान ज्यादा टिकाऊ और व्यावहारिक होता है।
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फिटनेस सिर्फ खाने से नहीं आती
मधू के अनुसार, अच्छी सेहत सिर्फ डाइट पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, तनाव को नियंत्रित रखना और सकारात्मक सोच भी उतने ही जरूरी हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली कई छोटी-छोटी अच्छी आदतों का परिणाम होती है।
क्या हर किसी को अपनानी चाहिए यह डाइट?
मधू की डाइट और लाइफस्टाइल से प्रेरणा ली जा सकती है, लेकिन उसे बिना सोचे-समझे अपनाना सही नहीं होगा। सुबह का नाश्ता छोड़ना, इंटरमिटेंट फास्टिंग करना या रोजाना घी खाना हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं हो सकता।
यदि आपको डायबिटीज, गैस्ट्रिक समस्या, हृदय रोग या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें।
