लाइफस्टाइल

तनाव दूर करने के लिए लोग क्यों अपना रहे हैं Sound Healing?

Meditation Alternative: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास समय कम है और तनाव ज्यादा है। ऐसे में वे ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो उन्हें कुछ समय के लिए मानसिक शांति दे सकें।

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साउंड हीलिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा

Meditation Alternative: पिछले कुछ सालों में साउंड हीलिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। पहले जहां क्रिस्टल सिंगिंग बाउल और ड्रम जैसी चीजें सिर्फ कुछ वेलनेस सेंटर या योग रिट्रीट्स में नजर आती थी अब वही वेलनेस प्रोग्राम और मेडिटेशन सेंटर तक पहुंच चुकी हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लोग अब मेडिटेशन की जगह साउंड हीलिंग टेक्नीक को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि आज के व्यस्त जीवन में लोग ऐसा तरीका खोज रहे हैं जिससे उन्हें बिना ज्यादा मेहनत किए मानसिक सुकून मिल सके।

हर किसी के लिए आसान नहीं होता ध्यान

तमाम तरह के मानसिक तनाव को कम करने के लिए लोग अब मानसिक सेहत पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। कई लोगों ने इसके लिए मेडिटेशन करना शुरू किया, लेकिन चुपचाप बैठकर अपने विचारों पर ध्यान लगाना सुनने में जितना आसान लगता है उतना आसान यह होता नहीं है। योग गुरु ज्योति सती ने बातचीत के दौरान बताया कि मेडिटेशन के दौरान कुछ लोग जब शांत बैठे तो उनके दिमाग में और ज्यादा विचार आने लगे ऐसे में उन्हें ऐसा करके ज्यादा बेचैनी महसूस होने लगी। इसी वजह से Sound Healing लोगों के लिए एक आसान विकल्प बनकर सामने आई।

साउंड हीलिंग में क्या होता है

साउंड हीलिंग के दौरान क्रिस्टल सिंगिंग बाउल, तिब्बती बाउल, गोंग, घंटियां या दूसरे वाद्य यंत्रों का उपयोग करके अलग-अलग तरह की ध्वनियों और कंपन का इस्तेमाल किया जाता है। सेशन के दौरान आपको सिर्फ आराम से लेटना या बैठना होता है और इन ध्वनियों को महसूस करना होता है। इसमें आपको किसी खास तरीके से ध्यान लगाने या मन को जबरदस्ती शांत करने की जरूरत नहीं पड़ती।

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कैसे मिलती है राहत

साउंड हीलिंग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ध्वनियों की कंपन शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है। इससे तनाव कम महसूस हो सकता है और मन शांत हो सकता है। कुछ वेलनेस एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि जब हम इन ध्वनियों को सुनते हैं, तो हमारा नर्वस सिस्टम रिलैक्स महसूस करता है। यही वजह है कि कई लोगों को सेशन के बाद हल्कापन और सुकून महसूस होता है।

क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता

कई लोग जिन्हें मेडिटेशन करना मुश्किल लगता है, उनके बीच ये टेक्नीक तेजी से पॉपुलर हो रही है। आसान और तुरंत राहत देने के चलते कई लोग इसे अपनी सेल्फ-केयर रूटीन का हिस्सा भी बना रहे हैं। तनाव कम करने या मानसिक आराम पाने के नए तरीके के रुप में भी लोग इसे देख रहे हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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