Aamir Khan Ira Khan Joint Therapy: हाल ही में बॉलीवुड के सुपरस्टार एक्टर आमिर खान ने अपनी बेटी आयरा खान संग अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि बेटी संग रिश्तों को मधुर बनाने के लिए उन्होंने डॉक्टर्स का सहारा लिया था। आमिर के साथ ही आयरा भी इस ट्रीटमेंट का हिस्सा थीं। आमिर ने बताया कि इस ट्रीटमेंट के बाद उन दोनों के बीच रिश्तों में काफी पॉजिटिव बदलाव आए। जो भी उनके बीच इश्यू थे, वह दूर हो गए। आमिर ने बताया कि इस ट्रीटमेंट को मेडिकल साइंस की दुनिया में जॉइंट थेरेपी या फैमिली थेरेपी कहा जाता है।
क्या होती है जॉइंट थेरेपी (What is Joint Therapy)
विशेषज्ञों के अनुसार जॉइंट थेरेपी टॉक थेरेपी का ही एक हिस्सा है। थेरेपिस्ट इसमें परिवार के दो लोगों को एक-दूसरे को समझने और उनकी समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं। थेरेपी के जरिए रिश्तों को बेहतर बनाने, संवाद करने, मतभेदों को कम करने के सुझाव और तरीके बताए जाते हैं। आसान शब्दों में समझें तो इस थेरेपी का उद्देश्य दो या दो से अधिक परिवार के सदस्यों के बीच संवाद में सुधार करना, उनके रिश्ते में सुधार करना और एक-दूसरे के प्रति उनके गुस्से या नफरत को कम करना है।
कब लेनी चाहिए जॉइंट थेरेपी
- जब किसी इंसान को लगने लगे कि उसकी हर दिक्कत की वजह परिवार है।
- जब उसे लगे कि परिवार की कुछ चीजें उसकी समस्याओं का कारण हैं।
- किसी को लगे कि किसी फैमिली मेंबर का व्यवहार उसे परेशान कर रहा है।
- अगर पूरा परिवार उस किसी एक व्यक्ति से परेशान हो।
- फैमिली संग बात करें तो सार्थक संवाद कम और आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा हो।
अगर आपको ऊपर बताई गई कोई बात अपनी जिंदगी में नजर आए तो समझ जाइए कि जॉइंट थेरेपी लेने का वक्त आ गया है। क्योंकि किसी भी समस्या का हल निकालना जरूरी होता है। और जब बात परिवार की हो तो हर मुमकिन प्रयास करना चाहिए। यहीं पर एक्सपर्ट्स जॉइंट थेरेपी के जरिए परिवार के दो सदस्यों के बीच रिश्तों को बेहतर करने का प्रयास करते हैं।
