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40 की उम्र में दूसरी बार मां बनेंगी Deepika Padukone, कितनी सुरक्षित होती है लेट प्रेग्नेंसी, समझें मां की सेहत पर असर

Deepika Padukone Pregnancy At 40: हाल ही में बॉलीवुड की खूबसूरत हसीना दीपिका पादुकोण ने 40 की उम्र में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज शेयर की है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है - क्या 40 की उम्र में प्रेगनेंसी सुरक्षित है? चलिए डॉक्टर से जानें..

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40 की उम्र में प्रेगनेंसी कितनी सुरक्षित होती है (PC_ IG)

Deepika Padukone Pregnancy At 40 (40 की उम्र में प्रेगनेंसी): आजकल 40 की उम्र के बाद मां बनना उतना असामान्य नहीं रहा जितना पहले माना जाता था। करियर, लाइफ प्लानिंग और बेहतर मेडिकल सुविधाओं की वजह से महिलाएं अब देर से प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं। इसी बीच फिल्मी दुनिया की क्वीन दीपिका पादुकोण ने भी 40 की उम्र में अपनी दूसरी बार मां बनने गुड न्यूज की है। इस खबर ने लेट प्रेग्नेंसी में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में एक ही सवाल उठ करहा है - कि क्या 40 के बाद प्रेग्नेंसी सुरक्षित होती है? इस विषय पर गहराई से जानने के लिए हमने बात की अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गार्गी अग्रवाल से। चलिए 40 की उम्र में लेट प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित होती है, डॉक्टर से ही जानते हैं।

40 की उम्र में लेट प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित होती है (40 ki age me pregnancy in hindi)

डॉक्टर गार्गी अग्रवाल कहती हैं कि सही देखभाल और समय पर जांच के साथ 40 की उम्र में प्रेग्नेंसी संभव है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस दौरान प्रेग्नेंसी कई तरह के कॉम्प्लिकेशन आते हैं। साथ ही इस उम्र में आपका शरीर भी पहले जैसा साथ नहीं देता, इसलिए थोड़ी ज्यादा सावधानी जरूरी हो जाती है। जरूरी सावधानी और डॉक्टर के मार्गदर्शन में लेट प्रेग्नेंसी प्लान की जा सकती है।

40 के बाद शरीर में क्या बदलाव आते हैं

डॉक्टर के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। फर्टिलिटी धीरे-धीरे कम होती है और अंडों की गुणवत्ता भी पहले जैसी नहीं रहती। यही वजह है कि 40 के बाद प्रेग्नेंसी को सामान्य नहीं बल्कि थोड़ी संवेदनशील स्थिति माना जाता है।

लेट प्रेग्नेंसी में किन जोखिमों का खतरा

डॉ. गार्गी अग्रवाल - सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, के अनुसार इस उम्र में हाई ब्लड प्रेशर, शुगर यानी जेस्टेशनल डायबिटीज और समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, बच्चे में कुछ जेनेटिक समस्याओं का जोखिम भी थोड़ा ज्यादा हो जाता है, इसलिए डॉक्टर लगातार मॉनिटरिंग की सलाह देते हैं।

मां की सेहत पर क्या असर पड़ता है

40 के बाद प्रेग्नेंसी में शरीर जल्दी थकने लगता है। पीठ दर्द, कमजोरी और नींद की समस्या भी ज्यादा महसूस हो सकती है। रिकवरी भी युवावस्था की तुलना में थोड़ी धीमी होती है, इसलिए शरीर को ज्यादा सपोर्ट की जरूरत पड़ती है।

क्या इस उम्र में मां बनने के फायदे भी हैं

इसका एक अच्छा पहलू भी है। इस उम्र तक महिलाएं मानसिक और भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत हो जाती हैं। वे बच्चे की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से समझती हैं और संभाल पाती हैं, जो एक बड़ा प्लस पॉइंट माना जाता है।

सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी बातें

डॉक्टर सलाह देते हैं कि 40 के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले पूरा हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं। संतुलित आहार लें, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें और डॉक्टर के संपर्क में रहें। सही देखभाल के साथ इस उम्र में भी हेल्दी प्रेग्नेंसी संभव है।

Expert View: डॉ. गार्गी अग्रवाल, अमृता अस्पताल फरीदाबाद के साथ बतौर प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ और सीनियर कंसल्टेंट जुड़ी हुई हैं। उन्हें इस क्षेत्र में लगभग 20 साल का अनुभव है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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