Mirage: दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। चिलचिलाती हुई इस धूप में सड़क पर निकलने का बिल्कुल भी मन नहीं होता है, लेकिन अगर आप सड़क पर निकले होंगे तो एक ऐसी चीज जरूर दिखी होगी, जो रिएलिटी में है नहीं। दरअसल, हम बात सड़क पर दिखाई देने वाले पानी की बात कर रहे हैं। आखिर हमें यह क्यों दिखाई देता है? क्या है इसकी असल कहानी।
गर्मी के दिनों में हाइवे या सड़क पर जब कभी आप सफर करते हैं तो आपको कुछ दूरी पर पानी दिखाई देता है, लेकिन जब आप वहां पर पहुंचते हैं तो हाइवे या सड़क पर पानी नहीं होता है। रेगिस्तान में भी अक्सर ऐसा दिखाई देता है। तो चलिए इसके पीछे की वजह जानते हैं।

सड़क पर क्यों होता है पानी का भ्रम?
सड़क पर क्यों दिखता है पानी?
सड़क, हाइवे या रेगिस्तान में दिखाई देने वाला पानी मृग मरीचिका है, जिसे अंग्रेजी में मिराज (Mirage) कहते हैं। यह एक प्राकृतिक घटना है और हवा के तापमान के कारण जब रोशनी का सड़क, हाइवे या रेगिस्तान में रिफ्लेक्शन (Refraction) होता है तो उसी से यह घटित होती है।
कब क्लियर दिखाई देता है मिराज?
मृग मरीचिका या मिराज दूर से देखने में ज्यादा क्लियर दिखाई देता है, क्योंकि रोशनी दूर की यात्रा करते हुए अधिक रिफ्लेक्ट होती है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि मरीचिका पानी का एक प्रकार का प्रकाशकीय भ्रह है, जो रेगिस्तान में गर्म मौसम में प्रकट होता है।

मृग मरीचिका क्या है?
मृग मरीचिका नाम कहां से आया?
स्कूल में आप लोगों ने मृग मरीचिका के बारे में जरूर पढ़ा होगा। यदि आपको यह याद नहीं तो फिर इसे समझ लीजिए। मृग मरीचिका नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है। मृग का मतलब हिरण और मरीचिका का मतलब भ्रम होता है। रेगिस्तान में गर्मी के दिनों में हिरण को जब प्यास लगती है तो उसे चमकती हुई रेत दिखाई देती है जिसे वह पानी समझता है, लेकिन उसके पास जाते ही वह गायब हो जाती है और ऐसा क्रम चलता रहता है। यह एक प्रकार का भ्रम है।
