Magnet Iron Relation: चुम्बक और लोहे के बीच एक खास तरह का रिश्ता होता है। यह एक-दूसरे को देखते ही आपस में गले मिलने लगते हैं। आप सभी लोगों ने बचपन में या कभी-न-कभी चुम्बक और लोह के साथ जरूर खेला होगा। एक-दूसरे को चिपकाते हुए खूब मौज ली होगी, लेकिन क्या आपको पता है कि लोह के साथ ही चुम्बक का यह खास रिश्ता क्यों होता है? वह पीतल, स्टील इत्यादि के साथ क्यों नहीं चिपकता है।
लोहे की ओर क्यों आकर्षित होता है चुम्बक?
लोहे, स्टील, पीतल, तांबा एक धातु है। पर हर धातु की ओर चुम्बक आकर्षित नहीं होता है, बल्कि चुम्बकीय गुण वाली धातुओं की ओर चुम्बक खिंचा चला जाता है। अब आप यह तो समझ गए होंगे कि लोहे की ओर क्यों आकर्षित होता है चुम्बक। अगर नहीं समझें तो आसान भाषा में बता दें कि लोहे में चुम्बकीय गुण मौजूद होता है, जबकि पीतल, स्टील, तांबा इत्यादि धातु में चुम्बकीय गुण नहीं होता है तभी तो चुम्बक और लोहे का एक अलग तरह का खास रिश्ता होता है।

लोहा और चुम्बक
क्या सिर्फ लोहे की ओर ही आकर्षित होता है चुम्बक
ऐसा नहीं है कि सिर्फ लोहा ही नजदीक आकर चुम्बक के साथ प्रतिक्रिया करता है और उससे चिपक जाता है, बल्कि लोहे के अलावा कोबाल्ट (Cobalt) और निकेल (Nickel) के साथ ही चुम्बक का खास रिश्ता होता है। इन दोनों के पास भी लोहे की तरह ही चुम्बकीय गुण मौजूद होता है।
क्या आकर्षण शक्ति होती है कम?
लोह चुम्बक के क्षेत्र में आते ही चुम्बक की ओर खिंचा चला आता है, लेकिन क्या आपको पता है कि दूरी के साथ ही इसकी शक्ति कमजोर होने लगती है। वहीं, चुम्बल को अगर गर्म किया जाए तो वह अपनी आकर्षण शक्ति को खो बैठता है।
