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मिलिए भारत के सबसे पुराने स्टेट से, कभी प्राचीन साम्राज्यों और धर्मों की थी जन्मभूमि, आज है ऐसी हालात

Oldest state in India; आज हम आपको भारत के उस क्षेत्र के बारे में बताएंगे, जहां सभ्यता ने पहली बार आकार लिया। यह क्षेत्र प्राचीन साम्राज्यों की शक्ति, ज्ञान और संस्कृति का केंद्र रहा है। कई महान धर्मों की जन्मभूमि भी ये भूमि रही, जिसने विश्व को शांति और दर्शन का मार्ग दिखाया। आज समय के साथ इसकी पहचान भले ही बदली हो, लेकिन इतिहास में इसका गौरव अब भी स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

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भारत का सबसे पुराना राज्य कौन-सा है?

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Oldest state in India: भारत के प्रत्येक राज्य की अपनी अनोखी पहचान है, जो उसकी संस्कृति, भूगोल, खानपान और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी होती है। उदाहरण के तौर पर, राजस्थान अपनी राजसी विरासत और किलों के लिए प्रसिद्ध है, केरल अपने शांत बैकवाटर और आयुर्वेद के लिए जाना जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश धार्मिक स्थलों जैसे काशी और मथुरा तथा सांस्कृतिक धरोहर जैसे कथक नृत्य और सितार के लिए मशहूर है।

असम अपनी चाय की बागानियों और काजीरंगा नेशनल पार्क के लिए जाना जाता है, और कर्नाटक सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र और ऐतिहासिक स्थल हम्पी के लिए प्रसिद्ध है। यही विविधता भारत की असली खूबसूरती और पहचान है। पर क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे प्राचीन राज्य कौन सा है? यह राज्य अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थानों और अनूठी संस्कृति के लिए जाना जाता है। साथ ही, यह अपनी मेहमाननवाजी और मेहनती लोगों के लिए भी प्रसिद्ध है, जिनका साहित्य, राजनीति और प्रशासन में अहम योगदान रहा है। ऐसे में आज हम आपको भारत के सबसे पुराने राज्य से रूबरू करवाएंगे।

Oldest State in India

भारत का सबसे पुराना राज्य

भारत का सबसे पुराना राज्य

भारत में सबसे पुराने राज्यों की बात कई दृष्टिकोणों से की जा सकती है। इनमें बिहार को प्राचीन काल से ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है। हालांकि आधुनिक राज्य के रूप में इसका नामकरण बाद में हुआ, फिर भी इसका ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है। बिहार का क्षेत्र सदियों तक शिक्षा, संस्कृति और राजनीतिक शक्ति का केंद्र रहा। यहां स्थित प्राचीन शहर पाटलिपुत्र, जो आज पटना के नाम से जाना जाता है, मगध साम्राज्य की राजधानी था। यह साम्राज्य बाद में चंद्रगुप्त मौर्य के नेतृत्व में मौर्य साम्राज्य में परिवर्तित हुआ और सम्राट अशोक के शासन काल में अपने चरम पर पहुंच गया।

कौन था बिहार का पहला राजा?

बिहार के पहले राजा के रूप में किसी एक नाम पर ऐतिहासिक रूप से पूर्ण सहमति नहीं है। फिर भी, राजा बिम्बिसार (हरियाक वंश से) को मगध साम्राज्य के वास्तविक संस्थापक और प्रारंभिक प्रभावशाली शासक माना जाता है, जिन्होंने बिहार को राजनीतिक शक्ति के रूप में उभारा। वहीं, पौराणिक दृष्टि से बृहद्रथ को मगध का सबसे प्राचीन ज्ञात राजा और जरासंध का पिता माना जाता है, जिनका उल्लेख पुराणों में भी मिलता है।

Gautam Buddha and Bihar

गौतम बुद्ध और बिहार

गौतम बुद्ध के ज्ञान की ज्योति

बिहार का प्राचीन इतिहास मानव सभ्यता के आरंभ से जुड़ा हुआ है और यह सनातन धर्म की परंपराओं में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कभी यह क्षेत्र एक शक्तिशाली साम्राज्य का केंद्र रहा, जबकि आज इसे अपेक्षाकृत पिछड़ा राज्य माना जाता है। 'बिहार' शब्द की उत्पत्ति 'विहार' से हुई है, जिसका अर्थ है बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान। 12वीं शताब्दी में मुस्लिम शासकों ने इस क्षेत्र को 'बिहार' के नाम से जाना। बिहार बौद्ध धर्म के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही वह स्थल है जहां गौतम बुद्ध को ज्ञान की दिव्य ज्योति प्राप्त हुई। यहीं उन्होंने अपना पहला उपदेश दिया, जिसे 'धर्मचक्र प्रवर्तन' के नाम से जाना जाता है।

जैन धर्म का महत्वपूर्ण स्थान

बिहार जैन धर्म के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यहीं 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म (कुंडलपुर, वैशाली के पास) और निर्वाण (पावापुरी) हुआ। यही कारण है कि यह क्षेत्र जैनों के लिए पवित्र माना जाता है। बिहार में पावापुरी, राजगृह (राजगीर), लछुआर और कुंडलपुर जैसे कई प्रमुख तीर्थस्थल स्थित हैं, जो जैन धर्म के इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।

बिहार और स्वतंत्रता संग्राम

बिहार ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यह अंग्रेजों के खिलाफ विरोध का प्रमुख केंद्र रहा। 1912 में इसे बंगाल प्रांत से अलग करके एक अलग राज्य के रूप में स्थापित किया गया। मुगल साम्राज्य ने भी बिहार में अपना प्रभाव जमाया। वहीं, सूर साम्राज्य के संस्थापक शेरशाह सूरी का जन्म बिहार में हुआ था और उन्होंने इस क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास में अहम योगदान दिया।

Famous Things of Bihar

बिहार की मशहूर चीजें

बिहार की प्रसिद्ध चीजें

अब अगर बिहार की फेमस चीजों की बात करें तो इनमें इसके प्रसिद्ध व्यंजन और सांस्कृतिक धरोहर शामिल हैं। यहां लिट्टी-चोखा (सत्तू से भरी और सेंकी हुई लिट्टी के साथ सब्जियों का भरता), सत्तू, चूड़ा-दही और मालपुआ जैसे स्वादिष्ट व्यंजन मशहूर हैं। साथ ही, मधुबनी पेंटिंग, और ऐतिहासिक स्थल जैसे बोधगया, राजगीर और नालंदा बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को उजागर करते हैं। इसके अलावा बिहार छठ पूजा और अपनी राजनीति के लिए भी देश-विदेश में मशहूर है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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