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एक पक्षी विमान के लिए कितना खतरनाक? क्यों करानी पड़ती है इमरजेंसी लैंडिंग; जानिए बर्ड स्ट्राइक के बारे में सबकुछ

Bird Strike: बर्ड स्ट्राइक की वजह से विमान को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में मौतों का भी खतरा मंडराता रहता है। बर्ड स्ट्राइक एक विमान और एक पक्षी के बीच टक्कर है। हाल ही में ऐसी ही एक घटना देखने को मिली है जब विमान में मौजूद तमाम यात्रियों की जान हलक में आ गई थी।

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बर्ड स्ट्राइक क्या है?

Photo : iStock

Bird Strike: न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न जा रही फ्लाइट में सोमवार को मौजूद 73 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान हलक में आ गई। जिसके बाद वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के वीए 148 विमान की इन्वरकार्गिल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी?

क्या है पूरा मामला?

उड़ान भरने के कुछ वक्त बाद ही वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के विमान के दाहिने इंजन से तेज आवाज आई और फिर आग की लपटें निकलने लगीं। इस घटना के चलते विमान में मौजूद हर एक व्यक्ति घबरा गया जिसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस मामले को लेकर वर्जिन ऑस्ट्रेलिया का बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने संभावना जताई कि पक्षी के टकराने की वजह से शायद यह घटना घटित हुई। चलिए ऐसे में समझते हैं कि आखिर बर्ड स्ट्राइक कितना खतरनाक है।

क्या है बर्ड स्ट्राइक (What is Bird Strike?)

बर्ड स्ट्राइक की वजह से विमान को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में मौतों का भी खतरा मंडराता रहता है। बर्ड स्ट्राइक एक विमान और एक पक्षी के बीच टक्कर है। पहली बार पक्षी-विमान की टक्कर 1905 में ओहियो में एक मकई के खेत में ऑरविल राइट द्वारा दर्ज की गई थी, लेकिन मौसम के बदलते पैटर्न की वजह से आए दिन अब ऐसी घटनाएं दर्ज की जाती हैं।

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बर्ड स्ट्राइक क्या है?

2009 में हुआ था सबसे भयंकर बर्ड स्ट्राइक

माना जाता है कि साल 2009 का बर्ड स्ट्राइक सबसे ज्यादा जोखिम भरा था। दरअसल, यूएस एयरवेज की उड़ान 1549 को न्यूयॉर्क के लागार्डिया एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तत्काल बाद प्रवासी कनाडाई गीज़ के झुंड का सामना करना पड़ा था। जिसकी वजह से विमान के दोनों इंजन फेल हो गए और कप्तान सुली सुलेनबर्गर को हडसन नदी में विमान उतारना पड़ा।

कहां कितनी घटनाएं दर्ज की गईं? (Bird Strike Incidents)

साल 2008 और 2017 के बीच ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने 16,626 बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं दर्ज की हैं, जबकि अमेरिका में संघीय उड्डयन प्रशासन ने अकेले 2022 में 17,200 पक्षियों के टकराने की सूचना दी है।

बर्ड स्ट्राइक कहां होता है?

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के अनुसार, 90 फीसद बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं एयरपोर्ट्स के पास होती हैं। आमतौर पर यह तब होता है जब विमान उड़ान भर रहे होते हैं या लैंड कर रहे होते हैं, या कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं जहां अधिकांश पक्षी गतिविधि होती है।

बर्ड स्ट्राइक का क्या प्रभाव होता है? (Bird Strike Cause)

बर्ड स्ट्राइक का प्रभाव विमान के प्रकार सहित कई कारकों पर निर्भर करता है। परिणामों में इंजन बंद होना शामिल हो सकता है, जैसा कि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया उड़ान के साथ हुआ होगा। यह विमान बोइंग 737-800 था, जो एक इंजन पर वैकल्पिक एयरपोर्ट तक उड़ान भरने की क्षमता रखता है।

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बर्ड स्ट्राइक क्या है?

बर्ड स्ट्राइक से अबतक कितनी मौतें हुईं? (Bird Strike Death Tolls)

छोटे विमानों में, विशेषकर एकल इंजन वाले विमानों में, पक्षियों का टकराना घातक हो सकता है। 1988 के बाद से वैश्विक स्तर पर पक्षियों के हमले से 262 मौतें दर्ज की गई हैं और 250 विमान नष्ट हो गए हैं।

बर्ड स्ट्राइक से कैसे बचते हैं पायलट?

अधिकांश पक्षी हमले सुबह या सूर्यास्त के समय होते हैं जब पक्षी सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। पायलटों को ऐसे समय में सतर्क रहने के लिए ट्रेंड किया जाता है। पक्षियों के झुंडों पर नजर रखने के लिए रडार का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, यह तकनीक जमीन पर आधारित है और दुनिया भर में उपलब्ध नहीं है इसलिए इसका उपयोग हर जगह नहीं किया जा सकता है।

बोइंग किस इंजन का करता है उपयोग

यात्री जेट के दो सबसे बड़े निर्माता बोइंग और एयरबस टर्बोफैन इंजन का उपयोग करते हैं। ये उड़ान भरने के लिए आवश्यक जोर पाने के लिए ईंधन और फ्लेम से पहले हवा को संपीड़ित करने के लिए पंखे के ब्लेड की एक श्रृंखला का उपयोग करते हैं। इनमें से किसी एक इंजन में पक्षी के टकराने से पंखे के ब्लेड को गंभीर नुकसान हो सकता है, जिससे इंजन फेल हो सकता है। इंजन निर्माता इन इंजनों की सुरक्षा का परीक्षण उन पर उच्च गति वाले फ्रोजन चिकन को फायर करके करते हैं, जबकि इंजन पूरे जोर पर चल रहा होता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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