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बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा रफ्तार, पलक झपकते शिकार का काम तमाम; इस पक्षी को कितना जानते हैं आप

Peregrine Falcon: पेरेग्रिन फाल्कन जिन्हें शिकारी पक्षी भी कहा जाता है, यह खासकर उत्तरी अमेरिका में पाए जाते हैं, लेकिन भारत में भी कभी-कभार दिख ही जाते हैं। शिकार की कला अगर किसी को सीखनी है तो पेरेग्रिन फाल्कन से सीख सकता है। बुलेट ट्रेन से ज्यादा की रफ्तार के साथ शिकार का पलक झपकते ही काम तमाम कर देता है।

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पेरेग्रिन फाल्कन

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • सबसे तेज रफ्तार से उड़ान भरने की क्षमता
  • पेरेग्रिन फाल्कन को एक माहिर शिकारी माना जाता है।
  • उत्तरी अमेरिका में पाया जाता है यह शिकारी पक्षी

Peregrine Falcon: मजबूत पैर और शक्तिशाली पंजे के साथ जब एक शिकारी पक्षी हवा में उड़ान भरता है तो जमीन से लेकर आसमान तक के पशु-पक्षी भयभीत हो जाते हैं। शिकारी पक्षी उड़ते हुई चिड़िया या कबूतर का तो पलक झपकते ही काम तमाम कर देता है। कई बार शिकारी पक्षी के करतब देखने के लिए आपको स्लो मोसन कैमरे की मदद लेनी पड़ेगी, क्योंकि उसकी रफ्तार इतनी ज्यादा रहती है कि बुलेट ट्रेन को भी शरम आ जाए तो सोचिये आप कैसे देख पाएंगे। दरअसल, हम बात कर रहे हैं कि फाल्कन प्रजाति के सबसे दमदार पेरेग्रिन फाल्कन की।

पेरेग्रिन फाल्कन के सामने बुलेट भी शरमा जाए

पेरेग्रिन फाल्कन मांसाहारी होते हैं और छोटे पक्षियों का शिकार करना उनका पसंदीदा काम है। हालांकि, वह छोटे स्तनधारियों, सरीसृपों और मछलियों का भी शिकार करता है। बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा रफ्तार के साथ आसमान से गोता लगाते हुए शिकार का काम तमाम कर देते हैं। अगर उन्होंने अपने नुकीले पंजे से किसी को पशु-पक्षी को पकड़ लिया है तो मानो उसकी शामत आ गई है।

पेरेग्रिन फाल्कन को शाहीन बाज भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका में पाया जाने वाला पक्षी है। हालांकि, भारत में भी दिख जाता है। कुछ लोग इसे रॉकेट बर्ड भी कहते हैं। छाती की मजबूत मांसपेशियां और लंबे पंख रफ्तार को बढ़ाने में पेरेग्रिन फाल्कन की मदद करती हैं।

Peregrine Falcon

पेरेग्रिन फाल्कन

कितना होता है वजन?

पेरेग्रिन फाल्कन का वजन 350 ग्राम से लेकर डेढ किलो तक हो सकता है, जबकि लंबाई 74 सेमी से लेकर 120 सेमी तक होती है। मादा का शरीर नर पेरेग्रिन फाल्कन की तुलना में 30 फीसद तक बड़ा होता है। खुली आंखों से शिकार करते हुए पेरेग्रिन फाल्कन को देख पाना काफी मुश्किल है, लेकिन स्लो मोशन वीडियो रिकॉर्ड कर पेरेग्रिन फाल्कन के शिकार की बारीकी को समझा जा सकता है।

बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा है रफ्तार

पेरेग्रिन फाल्कन की औसतन रफ्तार 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है, लेकिन उड़ान भरने की अधिकतम रफ्तार 380-390 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई है। पेरेग्रिन फाल्कन बेजोड़ रिश्ता निभाने के लिए जाने जाते हैं। वह अपने जीवनकाल में जीवनसाथी का साथ कभी नहीं छोड़ते हैं। दोनों मिलकर शिकार और बच्चों की देखभाल भी करते हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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