पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित हाई-सिक्योरिटी प्रेसीडेंसी जेल से एक हैरान और चिंतित कर देने वाला मामला सामने आया है। वर्ष 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हुए भीषण आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और अंडरवर्ल्ड डॉन आफताब अंसारी (Aftab Ansari) की जेल सेल से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और नगदी बरामद की गई है। जेल प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष तलाशी अभियान के दौरान अंसारी के पास से एक iPhone समेत तीन स्मार्टफोन, दो वाई-फाई राउटर, एक वायरलेस इयरफोन और 31,000 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। अति-सुरक्षित माने जाने वाले इस जेल परिसर में आतंकी के पास इतने आधुनिक संचार उपकरण और कैश पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं।
23 अगस्त को हुई विशेष छापेमारी में हुआ खुलासा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को जेल अधीक्षक के नेतृत्व में अधिकारियों की एक विशेष टीम ने प्रेसीडेंसी जेल के भीतर स्थित आफताब अंसारी की हाई-सुरक्षा सेल में अचानक छापेमारी की। सघन तलाशी के दौरान अधिकारियों को उसकी सेल से कुछ आपत्तिजनक चीजें मिलीं जिसमें 1 iPhone समेत 3 स्मार्टफोन, 2 Wi-Fi राउटर, 1 वायरलेस इयरफोन, 31,000 रुपये की नकदी।
हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में नई FIR दर्ज, जांच शुरू
जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित उपकरण और नकदी पहुंचने के बाद जेल अधिकारियों की ओर से हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में आफताब अंसारी के खिलाफ एक नई प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जेल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर ये स्मार्टफोन, वाई-फाई राउटर और नकदी अंसारी तक कैसे पहुंचे? क्या इसमें जेल प्रशासन या कर्मचारियों की कोई मिलीभगत थी? हाल के दिनों में अंसारी इन फोन और इंटरनेट कनेक्शन के जरिए किन-किन लोगों या आपराधिक नेटवर्क के संपर्क में था?
कौन है आफताब अंसारी?
आफताब अंसारी वर्ष 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए दुर्दांत आतंकी हमले का मुख्य मास्टरमाइंड है। 22 जनवरी 2002 को हुए इस हमले में कोलकाता पुलिस के 5 जवान शहीद हो गए थे और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था। वह फिलहाल कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में सजा काट रहा है। जेल के भीतर से आतंकी का यह 'डिजिटल नेटवर्क' पकड़ा जाना राज्य के जेल सुधार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
