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सिंधु या गंगा, आखिर कौन है ज्यादा लंबी और पुरानी नदी, जानें कहां है इनका उद्गम स्थल?

भारत में नदियों का स्थान केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि सभ्यता और संस्कृति के आधार के रूप में रहा है। देश की भौगोलिक बनावट, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराएं नदियों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। सिंधु और गंगा जैसी महान नदियां हजारों सालों से मानव जीवन को दिशा और आधार देती आई हैं। इन्हीं कारणों से इन नदियों से जुड़े तथ्य, उनका उद्गम, प्रवाह और ऐतिहासिक महत्व लोगों के लिए हमेशा जिज्ञासा का विषय रहा है। तो आइए जानें इसके बारे में।

Which is the longer and older river – Indus or Ganga?

आखिर कौन है ज्यादा लंबी और पुरानी नदी - सिंधु या गंगा?

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Indus River vs Ganga River: भारत में नदियों का विशेष महत्व है। यहां नदियां सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि देश की भौगोलिक संरचना, अर्थव्यवस्था, धर्म और संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई हैं। भारत सहित पूरे एशिया की दो प्रमुख और पवित्र नदियां सिंधु और गंगा हजारों सालों से भारतीय सभ्यता की आधारशिला रही हैं। इन नदियों का महत्व सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ये करोड़ों लोगों के जीवन और आजीविका का सहारा भी हैं। अक्सर लोगों के मन में यह जिज्ञासा रहती है कि इन दोनों नदियों में कौन अधिक लंबी है, कौन अधिक प्राचीन मानी जाती है, किस नदी में प्रति मिनट अधिक जल प्रवाहित होता है और इनका उद्गम स्थल कहां मौजूद है। ऐसे में आज हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब देंगे और सिंधु तथा गंगा नदियों से जुड़े जरूरी तथ्यों के बारे में जानेंगे।

Indus River

सिंधु नदी

कितनी है किसकी लंबाई?

यदि लंबाई के आधार पर तुलना की जाए, तो सिंधु नदी गंगा की तुलना में अधिक लंबी है। सिंधु नदी की कुल लंबाई लगभग 2,880 किलोमीटर मानी जाती है, जिसमें से करीब 1,114 किलोमीटर का प्रवाह भारत के भीतर होता है। पूरी सिंधु नदी प्रणाली लगभग 11,65,000 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें से 3,21,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र भारत में आता है। यह नदी भारत के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्रों से होकर बहती हुई पाकिस्तान में प्रवेश करती है और अंततः कराची के पास अरब सागर में जाकर मिल जाती है। दूसरी ओर, गंगा नदी की कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है। इसका उद्गम उत्तराखंड में होता है और यह उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पश्चिम बंगाल से होकर प्रवाहित होती है। आगे चलकर यह बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश कर बंगाल की खाड़ी में समाहित हो जाती है। गंगा न केवल भारत की प्रमुख नदियों में शामिल है, बल्कि इसे देश की सबसे लंबी और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नदियों में भी गिना जाता है।

कितना है नदियों का जल प्रवाह?

जल प्रवाह या जल निर्वहन की दृष्टि से देखें, तो गंगा नदी सिंधु नदी की तुलना में कहीं अधिक मात्रा में पानी बहाती है। इसका प्रमुख कारण गंगा का विशाल जलग्रहण क्षेत्र और उन इलाकों से होकर गुजरना है जहां वर्षा अपेक्षाकृत अधिक होती है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित फरक्का बैराज के पास गंगा का औसत जल प्रवाह लगभग 16,648 घन मीटर प्रति सेकंड तक दर्ज किया गया है, जबकि मानसून के समय यह मात्रा इससे भी कहीं अधिक हो जाती है। गंगा को हिमालय के कई बड़े हिमनदों और प्रमुख सहायक नदियों से निरंतर जल मिलता है, जिनमें यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वहीं दूसरी ओर, सिंधु नदी का औसत जल निर्वहन लगभग 6,600 घन मीटर प्रति सेकंड माना जाता है। यद्यपि सिंधु भी हिमनदों से निकलती है, लेकिन इसका जलग्रहण क्षेत्र गंगा की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा है और इसकी कुछ सहायक नदियां शुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्रों से आती हैं। इसी कारण प्रति मिनट बहने वाले जल की मात्रा के लिहाज़ से गंगा नदी, सिंधु नदी से काफी आगे है।

सिंधु नदी का उद्गम स्थल

सिंधु नदी का स्रोत तिब्बत (चीन) में स्थित कैलाश पर्वत श्रृंखला के उत्तरी भाग में माना जाता है। इसका उद्गम मानसरोवर झील के समीप बोखर चू नामक हिमनद के आसपास होता है। तिब्बत में इसे स्थानीय रूप से “सिंगी खंबन” अथवा “शेर का मुख” कहा जाता है। अपने आरंभिक प्रवाह में सिंधु नदी तिब्बत से निकलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है और भारत के लद्दाख क्षेत्र में प्रवेश करती है। आगे चलकर यह लद्दाख से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर में गिलगित के निकट एक गहरी घाटी (गोर्ज) का निर्माण करती है और दार्दिस्तान क्षेत्र के चिल्लर के पास पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती है।

Ganga Formation At Devprayag

देवप्रयाग में गंगा का निर्माण

गंगा नदी का उद्गम स्थल

गंगा नदी का निर्माण उत्तराखंड में देवप्रयाग नामक स्थान पर होता है, जहां भागीरथी और अलकनंदा नदियों का संगम होता है। भागीरथी का उद्गम गंगोत्री हिमनद से होता है, जबकि अलकनंदा अपने मार्ग में धौलीगंगा, विष्णुगंगा, मंदाकिनी और पिंडार जैसी कई सहायक नदियों को अपने साथ जोड़ती है। देवप्रयाग में इन दोनों नदियों के मिलने के बाद संयुक्त धारा को गंगा कहा जाता है, जो आगे चलकर मैदानी क्षेत्रों की ओर प्रवाहित होती है और विशाल भूभाग को जीवन प्रदान करती है।

सिंधु या गंगा, कौन सी नदी है सबसे प्राचीन?

सिंधु नदी को गंगा की तुलना में कहीं अधिक प्राचीन माना जाता है। प्राचीन काल में विकसित हुई सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) के अस्तित्व और विकास का आधार यही नदी थी, इसलिए इसे उस सभ्यता की जीवनधारा कहा जाता है। भूवैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो नर्मदा नदी को भारत की सबसे पुरानी नदियों में गिना जाता है, जिसकी उत्पत्ति गंगा से भी पहले मानी जाती है। हालांकि आयु के मामले में गंगा इन नदियों से नई है, लेकिन धार्मिक आस्था, पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक महत्व के कारण गंगा को विशेष और सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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