Sun Mysterious Swirls: अनंत ब्रह्मांड की वस्तुएं खगोलविदों और वैज्ञानिकों के बीच चर्चा के केंद्र में छाई रहती हैं। तभी तो आए दिन नए-नए रहस्यों से पर्दा उठ रहा है। इसके बावजूद खगोलविद ब्रह्मांड के बारे में बहुत कम जानते हैं। हालांकि, शक्तिशाली और उन्नत टेलीस्कोप की मदद से आकाशगंगाओं, ग्रहीय प्रणालियों, तारों और नेबुला इत्यादि को करीब से देखने की कोशिशें कर रहे हैं। इस बीच, खगोलविदों ने सूर्य की सतह को रिकॉर्ड किया।
उथल-पुथल भरी है सूर्य की सतह
सूर्य की सतह जितनी शांत दिखती है, असल में वह उतनी ही उथल-पुथल भरी है। खगोलविदों ने सूर्य की अबतक की सबसे हाई रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरों में ऐसे भंवरों को देखा, जो उसकी चुंबकीय सीमाओं के आसपास घूमते नजर आ रहे हैं। इन संरचनाओं को केल्विन-हेल्महोल्ट्ज अस्थिरता (Kelvin-Helmholtz Instabilities) कहा जाता है।
यह कोई नई घटना नहीं है। दशकों से वैज्ञानिक सिद्धांतों में इसका उल्लेख होता रहा है, लेकिन सूर्य पर केएचआई को पहली बार इतना क्लियर देखा गया है। साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तस्वीरों को अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) के डैनियल के. इनौये सोलर टेलीस्कोप ने कैप्चर किया है, जो हवाई में स्थित दुनिया का सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन है।
सौर भंवर
पृथ्वी को रोशन करने वाला सूर्य शांत तो बिल्कुल नहीं है। कई बार सूर्य की सतह के ऑडियो सामने आए, जिसमें डरावनी आवाजें सुनाई दीं। यह आवाजें एकदम वैसी थीं, जैसे सूर्य 'डकार' रहा हो।
सूर्य की सतह लगातार हलचल से भरी रहती है। सूर्य के अंदर से गर्म प्लाज्मा और ऊर्जा ऊपर की ओर उठते हैं, फैलते हैं, ठंडे होते हैं और फिर संवहन कोशिकाओं के किनारों से नीचे की ओर जाने लगते हैं। इन कोशिकाओं का आकार कई बार इतना विशाल हो सकता है कि उसमें मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों ही समा जाए।

सूर्य की सतह पर घूम रहे सौर भंवर
खगोलविदों ने पाया कि सूर्य की चुंबतीय संरचनाओं की सीमाओं पर तेज गति से बहता प्लाज्मा जब अपेक्षाकृत धीमी गति वाले प्लाज्मा से टकराता है, तो वहां सर्पिलनुमा भंवर बनते हैं, जो केएचआई के संकेत हैं।
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सौर भौतिक विज्ञानी डेविड कुरिड्जे के मुताबिक, वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि उन्हें केएचआई की घटनाएं कितनी बड़ी संख्या में दिखाई दीं। उनका कहना है कि इनका सूर्य की चुंबकीय सतह पर लगभग हर जगह मौजूद होना अपेक्षा से बिल्कुल अलग था।
सौर गतिविधियों को समझने में मिलेगी मदद
खगोलविद सूर्य के अंदर और उसकी सतह पर होनी वाली हलचलों को बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं, ताकि सूर्य से उठने वाले सौर तूफानों की निगरानी और भविष्यवाणी में मदद मिल सके। इनमें कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) जैसी घटनाएं शामिल हैं।
सूर्य से निकलने वाले आवेशित कण, जिन्हें हम सौर तूफान कहते हैं, जब पृथ्वी के वायुमंडल से टकराते हैं तो आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी दिखाई देती है, जिसे ऑरोरा कहा जाता है। सौर तूफान की वजह से जीपीएस और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
